on Rahul Gandhi: आलोचना करें, लेकिन भारत को नीचा न दिखाएं—एलन मस्क के बयान का दिया हवाला

on Rahul Gandhi: आलोचना करें, लेकिन भारत को नीचा न दिखाएं—एलन मस्क के बयान का दिया हवाला

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना हर किसी का लोकतांत्रिक अधिकार है. लेकिन, इस आलोचना के बीच में भारत को किसी भी हालत में नीचा नहीं दिखाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह बिल्कुल ठीक नहीं है. रिजिजू के बयान के पीछे की वजह टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क को लेकर थी.

दरअसल एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी. इसमें कहा गया था कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक आर्थिक वृद्धि में 43.6% का योगदान देंगे.

किरेन रिजिजू ने क्या कहा?

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने मस्क की पोस्ट का हवाला देते हुए राहुल गांधी को जवाब दिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, मैं आमतौर पर गैर-भारतीयों के बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देता, लेकिन मैं एलन मस्क का केवल इसलिए दे रहा हूं. ताकि राहुल गांधी को यह समझाया जा सके कि सरकार की आलोचना करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है. लेकिन, भारत को बदनाम करना और उसकी उपलब्धियों को कमतर आंकना ठीक नहीं है. एक भारतीय के रूप में हमें देश पर गर्व होना चाहिए.

 

क्यों खास है रिजिजू की प्रतिक्रिया

किरेन रिजिजू की यह प्रतिक्रिया इसलिए भी खास है क्योंकि राहुल गांधी लगातार बीजेपी-नेतृत्व वाली सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना कर रहे हैं. उन्होंने पहले भी भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर डेड इकोनॉमी जैसी टिप्पणी की थी. हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर भी सवाल उठाए हैं.

बजट के बाद क्या बोले थे राहुल

राहुल गांधी ने बजट के बाद सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बजट में बेरोजगारी, गिरता विनिर्माण क्षेत्र, निवेशकों का पूंजी निकालना, घरेलू बचत में गिरावट और किसानों की परेशानियों जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है.

निर्मला सीतारमण ने पेश किया बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार नौवां बजट पेश किया, जिसे सरकार ने सुधारों का रोडमैप और 21वीं सदी के दूसरे चरण के लिए विजन बताया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि यह बजट भारत को जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम है.