जानिए क्या है जी7 और इसकी शिखर बैठक में पीएम मोदी के शामिल होने के क्या हैं मायने?

जानिए क्या है जी7 और इसकी शिखर बैठक में पीएम मोदी के शामिल होने के क्या हैं मायने?

अपुलिया (इटली)। इटली के अपुलिया में हो रहे जी7 देशों के शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी भी हिस्सा ले रहे हैं। भारत की तरफ से इस अहम बैठक में मोदी की हिस्सेदारी को अहम माना जा रहा है। इसकी दो वजहें हैं। एक तरफ हाल ही में पीएम मोदी ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है। वहीं, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध और इजरायल व हमास के बीच संघर्ष भी जी7 देशों के लिए आगे के कदम उठाने का बड़ा मंच बन सकता है।

 

 

जी7 देशों के शिखर सम्मेलन को इटली के अपुलिया स्थित बोर्गो एग्नाजिया के एक शानदार रिसॉर्ट में कराया जा रहा है। जी7 देशों के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए पीएम मोदी गुरुवार को इटली पहुंचे। इटली पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वो जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। मोदी ने ये भी लिखा कि दुनियाभर के नेताओं के साथ वो सार्थक चर्चा करने के प्रति उत्सुक हैं। मोदी ने कहा है कि सभी के साथ मिलकर, वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लक्ष्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है। जानकारी के अनुसार जी7 देशों की शिखर बैठक से अलग पीएम मोदी की इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी से भी अलग से बैठक होगी।

अब आपको बताते हैं कि जी7 संगठन आखिर किन देशों का है? जी7 में दुनिया के सबसे ताकतवर और औद्योगिक रूप से संपन्न देश हैं। जी7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान हैं। इस बार जी7 देशों की अध्यक्षता इटली के पास है। हर बार अध्यक्षता बदलती है। भारत को जी7 देशों की शिखर बैठक में काफी अर्से से बुलाया जा रहा है। इसी से पता चलता है कि दुनिया की 7 बड़ी ताकतें भारत को कितना अहम मानती हैं। इस बार मोदी के रहते जी7 देशों की तरफ से अहम और बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।