नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 98 वर्षीय आडवाणी फिलहाल ICU में हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा भी अस्पताल पहुंचे। आडवाणी की उम्र को देखते हुए उनके स्वास्थ्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी नजर बनी हुई है।
ICU में चल रहा इलाज, अस्पताल ने क्या बताया?
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया था। उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने का फैसला लिया।
अस्पताल ने 17 अक्टूबर को जारी बयान में बताया कि आडवाणी ICU में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। वरिष्ठ सलाहकार डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल के बयान में उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे जाने की बात कही गई है।
फिलहाल अस्पताल की ओर से उनकी स्थिति को स्थिर बताया गया है। हालांकि, उनकी सेहत में आगे कितना सुधार होता है और उन्हें अस्पताल से कब छुट्टी मिलेगी, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
आडवाणी देश के सबसे वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद उनके समर्थकों और बीजेपी कार्यकर्ताओं की नजर अस्पताल की ओर से जारी होने वाले स्वास्थ्य अपडेट पर है।
जेपी नड्डा अस्पताल पहुंचे, पहले भी बिगड़ी थी तबीयत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे अपोलो अस्पताल पहुंचकर लालकृष्ण आडवाणी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। नड्डा का अस्पताल पहुंचना इस बात को दर्शाता है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता के स्वास्थ्य पर नेतृत्व की नजर बनी हुई है।
यह पहली बार नहीं है, जब आडवाणी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा हो। इससे पहले मई 2026 में भी उन्हें इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका इलाज किया गया था और कुछ दिनों बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी।
फिलहाल इस बार उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद भर्ती किया गया है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। अस्पताल की ओर से जारी बयान में उनकी हालत स्थिर बताई गई है, लेकिन आगे के इलाज और अस्पताल से छुट्टी को लेकर जानकारी का इंतजार है।
हाल ही में पीएम मोदी ने घर जाकर लिया था आडवाणी का आशीर्वाद
लालकृष्ण आडवाणी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी महीने 7 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान मोदी ने उनका आशीर्वाद लिया था और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान की सराहना की थी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए कहा था कि आडवाणी का दशकों का सार्वजनिक जीवन और देश के लिए किया गया योगदान एक स्थायी छाप छोड़ चुका है। उन्होंने भारत की प्रगति को मजबूत करने में आडवाणी की भूमिका को भी अहम बताया था।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में अपने 25 साल पूरे होने का पड़ाव हासिल किया था। इस अवसर पर आडवाणी से मुलाकात को राजनीतिक और व्यक्तिगत, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।
आडवाणी लंबे समय तक बीजेपी के प्रमुख रणनीतिकारों और संगठन को मजबूत करने वाले नेताओं में रहे हैं। पार्टी के विस्तार और राष्ट्रीय राजनीति में उसकी भूमिका बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कराची में हुआ था जन्म, राम रथ यात्रा से राष्ट्रीय राजनीति में मिली बड़ी पहचान
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। वह भारतीय जनता पार्टी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में अहम भूमिका निभाई और कई बार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला।
साल 1990 में निकाली गई उनकी राम रथ यात्रा भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रही। इस यात्रा ने बीजेपी की राजनीतिक पहुंच बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई और आडवाणी को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाई।
बाद के वर्षों में उन्होंने केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह देश के उपप्रधानमंत्री भी रहे। भारतीय राजनीति में उनके लंबे योगदान को देखते हुए साल 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
आडवाणी का राजनीतिक सफर कई दशकों में फैला है। बीजेपी के संगठनात्मक विकास से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी की मजबूत स्थिति तक, उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिलहाल स्वास्थ्य अपडेट पर नजर
98 वर्ष की उम्र में आडवाणी का ICU में इलाज चलना उनके परिवार, समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, अस्पताल ने उनकी हालत स्थिर बताई है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी सेहत को लेकर अगली आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।


