रविवार को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की खबर है। आज घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी पिछले महीने तय हुई कीमतें ही लागू रहेंगी। ऐसे समय में जब रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, यह स्थिरता आम परिवारों के बजट के लिए थोड़ी राहत जरूर देती है।
हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि अप्रैल की शुरुआत में ही एलपीजी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो चुकी है। ऐसे में भले आज कीमतें नहीं बढ़ीं, लेकिन उपभोक्ताओं पर पहले से ही महंगाई का असर बना हुआ है।
घरेलू सिलेंडर: किस शहर में कितना रेट
देश के प्रमुख शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। दिल्ली में 14.2 किलो का सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपये है। कोलकाता में यह 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये पर बना हुआ है।
अगर अन्य शहरों की बात करें, तो लखनऊ में सिलेंडर 950.50 रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि हैदराबाद में यह 965 रुपये है। यानी अलग-अलग राज्यों में टैक्स और परिवहन लागत के आधार पर कीमतों में फर्क साफ दिखाई देता है।
कॉमर्शियल सिलेंडर अब भी महंगे स्तर पर
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें पहले ही काफी ऊपर जा चुकी हैं। दिल्ली में 19 किलो का सिलेंडर 2078.50 रुपये में मिल रहा है। मुंबई में यह 2031 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये तक पहुंच गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि 1 अप्रैल को कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में करीब 205 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी। इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ी है, जिसका असर अंततः ग्राहकों की जेब पर भी पड़ता है।
पिछले महीने की बढ़ोतरी का असर अभी भी कायम
मार्च में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं 19 किलो वाले सिलेंडर भी महंगे हुए थे। इसके अलावा छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत भी बढ़कर 549 रुपये हो गई है, जिसे बिना एड्रेस प्रूफ के खरीदा जा सकता है।
इस तरह लगातार हुई बढ़ोतरी का असर अभी भी उपभोक्ताओं के खर्च पर दिखाई दे रहा है, भले ही इस समय कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
सप्लाई सामान्य, लेकिन बुकिंग में हल्की गिरावट
सरकार के अनुसार देश में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है। हालांकि, हाल के दिनों में बुकिंग की संख्या में हल्की गिरावट देखी गई है।
अब रोजाना करीब 46 से 50 लाख सिलेंडर बुक हो रहे हैं, जो पहले 50 लाख से अधिक थे। कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने बुकिंग प्रक्रिया को ओटीपी आधारित बना दिया है। साथ ही, शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन के अंतराल पर ही नई बुकिंग की अनुमति है।
कुल मिलाकर, आज कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन हाल की बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पर दबाव बनाए रखा है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकारी नीतियों के आधार पर एलपीजी की कीमतों में फिर बदलाव संभव है।


