लखनऊ में फिर बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा! 3 नए मरीज मिले, कोरोना के केस भी सामने आए, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

लखनऊ में फिर बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा! 3 नए मरीज मिले, कोरोना के केस भी सामने आए, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मामलों ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में तीन नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें दो मरीज बलरामपुर अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती हैं, जबकि तीसरे का इलाज लोहिया संस्थान में चल रहा है। इसी बीच एसजीपीजीआई में पिछले 15 दिनों के दौरान स्वाइन फ्लू और कोरोना के कुल 16 मरीज मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें आठ स्वाइन फ्लू और आठ कोरोना संक्रमित मरीज हैं। हालांकि, अस्पतालों के मुताबिक इन मरीजों में संक्रमण के लक्षण फिलहाल हल्के हैं।

सर्दी-जुकाम और बुखार के बाद जांच, फिर सामने आया संक्रमण

लखनऊ के इंदिरानगर और आदिलनगर के रहने वाले दो मरीजों को पहले सर्दी-जुकाम, बुखार और गले में खराश जैसी शिकायत हुई थी। इसके बाद उन्होंने निरालानगर स्थित एक निजी पैथोलॉजी सेंटर में जांच कराई। रिपोर्ट आने पर दोनों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।

हालात तब गंभीर हुए जब दोनों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। इसके बाद परिजनों ने उन्हें बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के मुताबिक, दोनों मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण हल्के हैं।

वहीं, लोहिया संस्थान में भर्ती तीसरे मरीज की हालत में भी सुधार बताया गया है। ऐसे में फिलहाल अस्पतालों में मरीजों की निगरानी की जा रही है।

आम लोगों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल या मौसमी संक्रमण जैसे नजर आ सकते हैं। इसलिए लगातार बुखार, खांसी, जुकाम या सांस से जुड़ी परेशानी होने पर लापरवाही नहीं करने की सलाह दी गई है।

एसजीपीजीआई में 15 दिन में स्वाइन फ्लू और कोरोना के 16 मरीज

स्वाइन फ्लू के साथ कोरोना संक्रमण के मामले भी स्वास्थ्य व्यवस्था का ध्यान खींच रहे हैं। एसजीपीजीआई में पिछले 15 दिनों में कुल 16 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें आठ मरीज स्वाइन फ्लू और आठ कोरोना से संक्रमित पाए गए।

संस्थान ने इन मामलों की जानकारी सीएमओ कार्यालय को भी भेजी है। एसजीपीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. रूंगमेई एसके मारक के मुताबिक, मौजूदा मौसम में इन्फ्लुएंजा का खतरा बना हुआ है।

अस्पताल में भर्ती 16 मरीजों में आधे से ज्यादा ऐसे थे, जिनकी ऑपरेशन से पहले हुई जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं, कुछ मरीजों की जांच उनके लक्षणों के आधार पर ओपीडी में की गई थी।

हालांकि, संस्थान के मुताबिक सभी संक्रमित मरीजों में फिलहाल संक्रमण के हल्के लक्षण हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से 0522-2622080 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

सीएमओ ने लोगों को सलाह दी है कि अगर बुखार, जुकाम, खांसी या इसी तरह के लक्षण दिखाई दें, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर जांच भी कराई जाए।

स्वास्थ्य विभाग ने खास तौर पर खुद से दवा लेने और किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराने से बचने की सलाह दी है। यानी लक्षणों को मामूली समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।

मास्क और सावधानी पर जोर, अस्पतालों की निगरानी जारी

एसजीपीजीआई प्रशासन ने संक्रमण से बचाव के लिए लोगों से मास्क पहनने और हाथ साफ रखने की अपील की है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और किसी तरह के लक्षण दिखाई देने पर खुद को अलग रखने की सलाह भी दी गई है।

हालांकि, एसजीपीजीआई के सीएमएस डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने संस्थान में स्वाइन फ्लू के नए मरीज मिलने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि कोरोना का एक मरीज भर्ती था, जिसे ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

फिलहाल तस्वीर यह है कि लखनऊ में स्वाइन फ्लू के नए मामले सामने आए हैं, लेकिन अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा संस्थान स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में लोगों के लिए सबसे अहम संदेश यही है कि सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें और संक्रमण से बचाव की बुनियादी सावधानियां अपनाएं।