महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए बड़ी जीत है. ये बड़ी जीत इसलिए साबित हुई क्योंकि 25 साल से ज्यादा समय तक मुंबई शिवसेना का गढ़ बना रहा और अब बीजेपी ने इसे अपने नाम कर लिया है. वहीं बीजेपी और ठाकरे परिवार के बीच इस बड़ी लड़ाई के बीच कांग्रेस का प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा. कांग्रेस की इस जीत से राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अच्छा मैसेज मिला है.
यह चुनाव कम से कम चार पार्टियों के लिए सोचने का विषय बन गया. शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की MNS, जिन्होंने मिलकर बालासाहेब ठाकरे की विरासत का फायदा उठाने की कोशिश की. वहीं NCP के दो विरोधी गुट, जो अस्थायी ‘विलय’ के बावजूद पुणे, पिंपरी-चिंचवड के गढ़ में समर्थन हासिल करने में नाकाम रहे.



