महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. पंचायत चुनाव में सरपंच पद का चुनाव लड़ने की चाहत में एक शख्स ने अपनी 6 साल की मासूम बेटी को मौत के घाट उतार दिया. पुलिस के अनुसार, आरोपी को डर था कि तीन बच्चे होने के कारण वह ‘दो बच्चों के नियम’ के तहत पंचायच का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो जाएगा.
नांदेड़ के केरूर गांव का निवासी 28 वर्षीय पांडुरंग कोंडमंगले गांव में एक सैलून चलाता है. पांडुरंग के तीन बच्चे थे, जिनमें दो जुड़वां बेटियां (6 वर्ष) और एक बेटा (3 वर्ष) शामिल हैं. पांडुरंग की दिली ख्वाहिश थी कि वो गांव का सरपंच बने. लेकिन महाराष्ट्र पंचायत राज कानून उसके आड़े आ रहा था. इसके मुताबिक दो से अधिक संतान होने पर व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता.
सरपंच संग मिलकर रची साजिश



