महनार विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2025 Live Updates: महनार विधानसभा सीट बिहार के वैशाली जिले में एक महत्वपूर्ण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के रवींद्र कुमार सिंह, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उमेश सिंह कुशवाहा, जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के जय सिंह और जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के राजेश कुमार प्रमुख उम्मीदवार हैं. इस सीट से कुल 18 उम्मीदवार प्रतिद्वंद्विता कर रहे हैं. पहले चरण में छह नवंबर को इस सीट पर मतदान हुआ था और शुक्रवार को मतगणना शुरू होने के साथ ही जल्द रुझान मिलने लगेंगे.
महनार विधानसभा क्षेत्र हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की बीना सिंह ने जनता दल-यूनाइटेड (JD-U) के नेता उमेश सिंह कुशवाहा को 7,947 मतों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी, हालांकि इस बार आरजेडी ने बीना सिंह को टिकट नहीं दिया है. उनकी जगह रवींद्र कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है.
कुशवाहा वोटरों की रही है अहम भूमिका
2008 में महनार संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन हुआ था. इसके अनुसार महनार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में महनार सामुदायिक विकास खंड; जन्दाहा सामुदायिक विकास खंड के बोरहां उर्फ रसूलपुर गौस, बसंतपुर, मोहिउद्दीनपुर गराही, हरप्रसाद, महीपुरा, सोहरथी, महिसौर, चांदसराय, डीहबुचौली, पीरापुर, रसलपुर पुरूषोत्तम, बिशुनपुर बेदौलिया, सैय्यद महम्मद उर्फ सलहा, खोपी, अरनियां, हजरत जंदाहा, बहसी सैदपुर, मुकुंदपुर भाथ एवं लोमा ग्राम पंचायतें शामिल हैं. इस विधानसभा सीट पर कुशवाहा वोट काफी निर्णायक भूमिका निभाता रहा है.
जानें पिछला विधानसभा चुनावों के परिणाम
2020 के बिहार चुनावों में, राजद नेता बीना सिंह को 61,721 (37.34 प्रतिशत) वोट मिले थे और उन्होंने जदयू के उमेश सिंह कुशवाहा को हराया, जिन्हें 53,774 (32.54 प्रतिशत) वोट मिले. तीसरे स्थान पर लोजपा नेता रवींद्र सिंह को 31,315 (18.95 प्रतिशत) वोट मिले थे. 2020 में, राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में डाले गए वैध मतों की कुल संख्या 1,65,274 या 54.38 प्रतिशत थी.
2015 में जनता दल (यूनाइटेड) ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अलग होकर अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय जनता दल के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया था. 2015 में महनार विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में जद (यू) के उमेश कुशवाहा ने भाजपा उम्मीदवार अच्युतानंद सिंह को 27,000 मतों के बड़े अंतर से हराया था. जदयू के उमेश सिंह कुशवाहा को 69,825 (47.12 प्रतिशत) वोट मिले थे और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता डॉ. अच्युता नंद को 43,370 (29.27 प्रतिशत) वोट मिले थे. तीसरे स्थान पर जेएपीएल नेता आमोद कुमार रे को 5,425 (3.66 प्रतिशत) वोट मिले थे. 2015 में, विधानसभा चुनाव में डाले गए वैध मतों की कुल संख्या 1,48,186 या 54.29 प्रतिशत थी. हालांकि, 2020 में उमेश कुशवाहा, राम किशोर सिंह की पत्नी बीना सिंह से हार गए, जिन्होंने 2020 का चुनाव राष्ट्रीय जनता दल के चुनाव चिन्ह पर लड़ा था.



