Malegaon Mayor Election: शिवसेना को रोकने के लिए BJP–Congress साथ, बनी ‘भारतीय विकास आघाड़ी’

Malegaon Mayor Election: शिवसेना को रोकने के लिए BJP–Congress साथ, बनी ‘भारतीय विकास आघाड़ी’

उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में निधन के बाद महाराष्ट्र की सियासत अभी थोड़ी बदल गई है, लेकिन इस बीच राज्य के नगर निगमों में मेयर चुनने की कवायद लगातार जारी है. मालेगांव नगर निगम के मेयर पद के चुनाव में शिवसेना को सत्ता से दूर रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस का एक गुट साथ आ गया है. दोनों ने मिलकर एक अनोखा नया राजनीतिक गठबंधन भी बना लिया है.

बीजेपी और कांग्रेस के इस गुट को नाम दिया गया है “भारतीय विकास आघाड़ी”. इस गठबंधन की रजिस्ट्रेशन की औपचारिक प्रक्रिया भी राजस्व आयुक्त के पास पूरी कर ली गई है. कांग्रेस के एजाज बेग को इस आघाड़ी का अध्यक्ष बनाया गया है.

इस्लाम पार्टी को बीजेपी देगी अपना समर्थन

निकाय चुनाव के बाद महाराष्ट्र में कई तरह के राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं, लेकिन मालेगांव में बीजेपी और कांग्रेस पहली बार एक साथ आते दिखाई दे रहे हैं. माना जा रहा है कि यह गठबंधन मेयर पद के लिए इस्लाम पार्टी को अपना समर्थन देगा.

मालेगांव नगर निगम में इस्लाम पार्टी के 35 और समाजवादी पार्टी के 5 नगरसेवक निर्वाचित हुए हैं. जबकि यहां पर सत्ता गठन के लिए 43 सदस्यों का बहुमत चाहिए होता है. कांग्रेस के 3 नगरसेवकों के साथ कुल संख्या 43 तक पहुंचती है, जिससे बहुमत का आंकड़ा पूरा हो जाता है. हालांकि, किसी भी गुट की मान्यता के लिए न्यूनतम 5 सदस्यों की आवश्यकता होती है. ऐसे में कांग्रेस ने गुट बनाने के लिए बीजेपी का साथ लिया है.

किस वजह से बीजेपी के साथ आई कांग्रेस

इस्लाम पार्टी और समाजवादी पार्टी में पहले ही गुट नेताओं की नियुक्ति हो चुकी थी, लेकिन कांग्रेस में गुट नेता का चयन रुका हुआ था. इसके बाद बीजेपी (2 नगर सेवक) के स्थानीय पदाधिकारियों ने वरिष्ठ स्तर पर चर्चा कर कांग्रेस के साथ मिलकर गुट गठन का फैसला लिया. बीजेपीकांग्रेस गठबंधन में एजाज बेग को गुट का नेता और मदन गायकवाड़ को उप गुट नेता चुना गया है.

बीजेपी और कांग्रेस की इस अप्रत्याशित गठबंधन से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. बताया जा रहा है कि शिक्षा मंत्री दादा भुसे और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को सत्ता से दूर रखने के लिए यह सारी रणनीति तैयार की गई है. साथ ही AIMIM के नगरसेवकों को भी सत्ता से बाहर रखने का प्रयास किया जा रहा है.

इस्लाम पार्टी के बाद AIMIM के पास ही सबसे अधिक 26 नगरसेवक हैं. AIMIM और शिवसेना (18 नगर सेवक) को रोकने के लिए मालेगांव सेकुलर फ्रंट और भारतीय विकास आघाड़ी की यह रणनीति सफल होती दिख रही है.