मीरा रोड हमला: ‘कलमा’ पढ़ने से इनकार पर गार्ड्स पर चाकू से वार, CM फडणवीस बोले—सेल्फ-रेडिकलाइजेशन का मामला

मीरा रोड हमला: ‘कलमा’ पढ़ने से इनकार पर गार्ड्स पर चाकू से वार, CM फडणवीस बोले—सेल्फ-रेडिकलाइजेशन का मामला

मुंबई के उपनगरीय इलाके मीरा रोड में रविवार सुबह हुई एक हिंसक घटना ने सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक शख्स ने ड्यूटी पर तैनात दो सिक्योरिटी गार्ड्स से धार्मिक वाक्य बोलने को कहा और मना करने पर उन पर चाकू से हमला कर दिया। दोनों गार्ड्स गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। इस घटना को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसे ‘सेल्फ-रेडिकलाइजेशन’ से जुड़ा मामला बताया है।

सुबह 4 बजे का हमला, पहचान पूछकर शुरू हुई वारदात

पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार तड़के करीब 4 बजे मीरा रोड ईस्ट के एक निर्माणाधीन भवन में हुई। यहां राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात थे। इसी दौरान आरोपी जुबैर अंसारी वहां पहुंचा और उनसे नाम व धर्म के बारे में पूछताछ करने लगा।

बताया जा रहा है कि इसके बाद उसने दोनों से ‘कलमा’ पढ़ने को कहा। जब गार्ड्स ने ऐसा करने से इनकार किया, तो आरोपी ने कथित तौर पर चाकू निकालकर उन पर हमला कर दिया। हमले की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोनों को गंभीर चोटें आईं और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

CM फडणवीस का बयान: कट्टरता की ओर झुकाव के संकेत

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शुरुआती जांच में यह मामला ‘सेल्फ-रेडिकलाइजेशन’ का प्रतीत होता है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि आरोपी के घर से कुछ संदिग्ध सामग्री और किताबें मिली हैं, जो उसके विचारों पर असर डाल सकती हैं।

फडणवीस ने यह भी कहा कि आरोपी हाल ही में अमेरिका से भारत लौटा था और जांच में यह संकेत मिले हैं कि वह कट्टर विचारधारा की ओर झुक गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी तरह की साजिश की पूरी जांच की जाएगी।

NIA और ATS की जांच, नेटवर्क की तलाश

राज्य सरकार ने इस मामले की जांच कई एजेंसियों को सौंप दी है। एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) मिलकर पूरे घटनाक्रम की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। एजेंसियां डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।

गिरफ्तारी और शुरुआती जांच में क्या सामने आया

पुलिस ने 31 वर्षीय आरोपी जुबैर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि वह इंटरनेट पर कट्टरपंथी सामग्री, खासकर ISIS से जुड़े वीडियो देखता था। वह मीरा रोड में किराए के मकान में अकेला रह रहा था और हाल ही में मकान खाली करने को लेकर भी विवाद में था।

पुलिस को उसके पास से कुछ आपत्तिजनक चीजें भी मिली हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहरी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक सतर्कता भी कितनी जरूरी है। फिलहाल, सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर है, जो इस मामले के पीछे की असल वजह और संभावित नेटवर्क को उजागर कर सकती है।