मोबाइल पर अचानक बजने वाला इमरजेंसी अलार्म हुआ बंद! सरकार ने एक महीने में ही रोकी सेवा, जानिए क्या है वजह

मोबाइल पर अचानक बजने वाला इमरजेंसी अलार्म हुआ बंद! सरकार ने एक महीने में ही रोकी सेवा, जानिए क्या है वजह

अगर पिछले कुछ हफ्तों में आपके मोबाइल पर अचानक तेज अलार्म बजा हो और स्क्रीन पर मौसम या आपदा से जुड़ा चेतावनी संदेश दिखाई दिया हो, तो अब फिलहाल ऐसी आवाज सुनाई नहीं देगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने अपनी सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह वही सिस्टम है, जिसके जरिए लोगों को संभावित प्राकृतिक आपदाओं, तेज आंधी, भारी बारिश और अन्य आपात स्थितियों की चेतावनी सीधे मोबाइल फोन पर भेजी जा रही थी।

सरकार की ओर से इस सेवा को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी समीक्षा और आवश्यक सुधारों के बाद इसे दोबारा शुरू किया जा सकता है। हालांकि अभी तक इसकी वापसी की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

क्या था यह मोबाइल अलर्ट सिस्टम?

NDMA ने हाल ही में देशभर में एक आधुनिक आपदा चेतावनी प्रणाली लागू की थी। इस व्यवस्था के तहत किसी क्षेत्र में संभावित खतरे की स्थिति बनने पर वहां मौजूद लोगों के मोबाइल फोन पर एक विशेष अलर्ट भेजा जाता था।

यह अलर्ट सामान्य एसएमएस की तरह नहीं होता था। मोबाइल पर अचानक तेज आवाज वाला अलार्म बजता था और स्क्रीन पर चेतावनी संदेश दिखाई देता था। इसका उद्देश्य लोगों का ध्यान तुरंत आकर्षित करना और उन्हें समय रहते सतर्क करना था।

हाल के दिनों में कई राज्यों में आंधी, तूफान और भारी बारिश की चेतावनियां इसी प्रणाली के जरिए भेजी गई थीं।

मई में शुरू हुई थी सेवा, अब क्यों रोक दी गई?

यह सेल ब्रॉडकास्ट सेवा मई 2026 में शुरू की गई थी। शुरुआत के बाद से इसे कई बार विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किया गया। लेकिन अब इसे अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है।

हालांकि NDMA या संबंधित एजेंसियों ने सेवा रोकने का कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि सिस्टम की कार्यक्षमता और सटीकता को और बेहतर बनाने के लिए समीक्षा की जा रही है।

जानकारों के अनुसार, विभिन्न सरकारी एजेंसियां इस तकनीक का मूल्यांकन कर रही हैं ताकि भविष्य में भेजे जाने वाले अलर्ट और अधिक प्रभावी और सटीक बन सकें।

इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत क्या थी?

सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक की सबसे बड़ी ताकत इसकी गति और पहुंच मानी जाती है। सामान्य मैसेजिंग सिस्टम के विपरीत यह अलर्ट इंटरनेट पर निर्भर नहीं होता।

यानी अगर आपके मोबाइल में इंटरनेट नहीं है, तब भी आप यह चेतावनी संदेश प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा संदेश एक साथ बड़ी संख्या में लोगों तक कुछ ही सेकंड में पहुंच जाता है।

इस सिस्टम की एक और विशेषता यह थी कि अलर्ट केवल उन्हीं क्षेत्रों में भेजा जाता था जहां संभावित खतरा मौजूद होता था। इससे गैर-जरूरी संदेशों से बचाव होता था और लोगों को स्थानीय स्तर पर सटीक जानकारी मिलती थी।

C-DOT और गृह मंत्रालय ने विकसित की तकनीक

इस तकनीक को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना और लोगों तक समय रहते चेतावनी पहुंचाना है।

फिलहाल यह सेवा अस्थायी रूप से बंद है, लेकिन संकेत हैं कि तकनीकी सुधार और समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे फिर से शुरू किया जा सकता है। ऐसे में आने वाले समय में यह प्रणाली पहले से अधिक उन्नत और भरोसेमंद रूप में लौट सकती है।