अब बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान, मोदी सरकार ने उठाए कड़े कदम

नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद से पाकिस्तान पर हर तरफ से दबाव बढ़ा रहा है. उसे घेरने के लिए आर्थिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर कई कदम उठाये गए हैं. इसी बीच भारत आने वाले दिनों में पाकिस्तान का पानी रोकने की तैयारी ​कर रहा है. सरकार ने पाकिस्तान की ओर जाने वाले ‘हमारे हिस्से के पानी’ को रोकने और पूर्वी नदियों की धारा जम्मू कश्मीर और पंजाब की ओर मोड़ने का फैसला किया है. इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दी.

गडकरी ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने पाकिस्तान की ओर जाने वाले ‘हमारे हिस्से के पानी’ को रोकने का निर्णय किया है. हम पूर्वी नदियों की धारा का मार्ग परिवर्तित करेंगे और जम्मू कश्मीर और पंजाब में अपने लोगों को पहुंचायेंगे.’’

सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि रावी, व्यास और सतलुज नदियों से पाकिस्तान जाने वाले जल को जम्मू-कश्मीर और पंजाब की ओर मोड़ा जाएगा. बता दें, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया जब कुछ दिन पहले ही पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

गडकरी ने बताया कि रावी नदी पर शाहपुर..कांडी बांध का निर्माण शुरू हो गया है. इसके अलावा यूजेएच परियोजना के जरिये जम्मू कश्मीर में उपयोग के लिये हमारे हिस्से के पानी का भंडारण होगा और शेष पानी दूसरी रावी व्यास लिंक के जरिये अन्य राज्यों के बेसिन में प्रवाहित होगा.

मालूम हो कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में बुधवार को कहा था कि जिन तीन नदियों का पानी पाकिस्तान जाता है, उन नदियों के पानी को बांध बनाकर रोकने की योजना बनायी जा रही है. इन नदियों के पानी को यमुना नदी में मिलाया जाएगा. जब यह योजना लागू कर दी जाएगी तो यमुना नदी में पानी पर्याप्त हो जाएगा.