मुरादाबाद में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: IAS संगीता सिंह बनीं नई कमिश्नर, आंजनेय कुमार सिंह को नहीं मिला 8वां एक्सटेंशन

मुरादाबाद में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: IAS संगीता सिंह बनीं नई कमिश्नर, आंजनेय कुमार सिंह को नहीं मिला 8वां एक्सटेंशन

मुरादाबाद मंडल की प्रशासनिक तस्वीर अब बदलने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़ा फैसला लेते हुए अलीगढ़ मंडल की कमिश्नर IAS संगीता सिंह को मुरादाबाद मंडल का नया मंडलायुक्त नियुक्त किया है। इसके साथ ही लंबे समय से चर्चा में रहे आंजनेय कुमार सिंह के आठवें सेवा विस्तार की अटकलों पर भी विराम लग गया है। सातवां एक्सटेंशन 14 अगस्त को खत्म होने के बाद उनके अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन सरकार ने अब नई नियुक्ति कर दी है।

करीब साढ़े पांच साल बाद बदला मुरादाबाद का कमिश्नर

आंजनेय कुमार सिंह मार्च 2021 से मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। करीब साढ़े पांच साल तक एक ही पद पर बने रहना उनके प्रशासनिक कार्यकाल की खास बात रही। इससे पहले वह रामपुर के जिलाधिकारी भी लंबे समय तक रह चुके हैं।

आंजनेय कुमार सिंह 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं और मूल रूप से सिक्किम कैडर से जुड़े हैं। वर्ष 2015 में अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति के जरिए वह उत्तर प्रदेश आए थे। रामपुर में जिलाधिकारी रहते हुए आजम खान और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के चलते उनका नाम काफी चर्चा में रहा।

मुरादाबाद में भी उनके कार्यकाल को लेकर लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा होती रही। खास बात यह थी कि पिछली बार भी सेवा विस्तार खत्म होने के बाद उनके अवकाश पर जाने के दौरान ही नए आदेश जारी हुए थे। इस बार भी 14 अगस्त के बाद उनके अगले कदम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे।

संगीता सिंह के सामने अब बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी

सरकार के नए आदेश के बाद अब संगीता सिंह मुरादाबाद मंडल की कमान संभालेंगी। वह इससे पहले अलीगढ़ मंडल की आयुक्त थीं। प्रशासनिक अनुभव के लिहाज से उनके सामने मंडल के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और लंबित महत्वपूर्ण मामलों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

नई नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब मुरादाबाद मंडल से जुड़े कई संवेदनशील मामलों पर प्रशासनिक नजर बनी हुई है। ऐसे में संगीता सिंह के फैसलों पर आने वाले दिनों में स्वाभाविक रूप से नजर रहेगी।

जौहर यूनिवर्सिटी मामला भी नई कमिश्नर के लिए अहम

संगीता सिंह के कार्यभार संभालने के बाद सबसे ज्यादा ध्यान जिन मामलों पर रहेगा, उनमें मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ा विवाद भी शामिल है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने 15 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था।

इसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रबंधन और जौहर ट्रस्ट ने मंडलायुक्त न्यायालय का रुख किया। तत्कालीन मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की अदालत ने 27 जुलाई को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बाद 13 अगस्त की सुनवाई में अगली तारीख 25 अगस्त तय की गई थी।

अब प्रशासनिक बदलाव के बीच इस मामले की अगली सुनवाई पर भी नजर रहेगी। नई मंडलायुक्त के सामने यह देखना अहम होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और तय तारीख पर क्या प्रशासनिक-कानूनी स्थिति सामने आती है।

8वें एक्सटेंशन की चर्चा पर लगा विराम

आंजनेय कुमार सिंह का सातवां सेवा विस्तार समाप्त होने के बाद यह सवाल लगातार बना हुआ था कि क्या उन्हें एक बार फिर जिम्मेदारी दी जाएगी। पिछले अनुभवों को देखते हुए उनके आठवें एक्सटेंशन की संभावना को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चा थी।

लेकिन सरकार ने अब संगीता सिंह को मुरादाबाद का नया मंडलायुक्त नियुक्त कर दिया है। इससे फिलहाल आठवें सेवा विस्तार की सभी अटकलों पर विराम लग गया है।

मुरादाबाद के लिए यह बदलाव सिर्फ एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं है। लंबे समय बाद मंडल के शीर्ष प्रशासनिक पद पर चेहरा बदलने से आने वाले दिनों में नीतिगत प्राथमिकताओं और महत्वपूर्ण मामलों की कार्यवाही में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।