उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द की चर्चा को नई दिशा दे दी है। बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने शिव भक्तों और कांवड़ यात्रियों के लिए भंडारे का आयोजन किया और अपने हाथों से श्रद्धालुओं को भोजन परोसा। इस दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें वे धार्मिक आस्था और इंसानियत को किसी एक धर्म तक सीमित न मानने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं। उनकी इस पहल को कई लोग गंगा-जमुनी तहजीब का उदाहरण बता रहे हैं।
अपने हाथों से की कांवड़ियों की सेवा
कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर पैदल यात्रा करते हैं। इसी दौरान मुरादाबाद में विधायक मोहम्मद फहीम इरफान श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे और भंडारे में खुद भोजन परोसते नजर आए।
वायरल वीडियो में वे कहते हैं कि धार्मिक आस्था और मानवता किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं होती। उनके मुताबिक, इस्लाम और पैगंबर साहब की शिक्षाएं हर धर्म और उसकी परंपराओं का सम्मान करना सिखाती हैं। उन्होंने कहा कि जब दूसरे धर्म के लोग किसी धार्मिक आयोजन में सम्मान और सहयोग का भाव दिखाते हैं, तो वही समाज की असली ताकत बनता है।
हिंदू-मुस्लिम एकता का दिया संदेश
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम समाज के लोग श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं। उसी तरह ईद और बारावफात जैसे अवसरों पर हिंदू समाज भी मुस्लिम समुदाय के कार्यक्रमों में स्वागत और सहयोग करता है।
उनके अनुसार, यही भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत और गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सम्मान और सहयोग का माहौल ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कांवड़ यात्रा की कठिन तपस्या का भी उल्लेख किया और कहा कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की आस्था उनके समर्पण को दिखाती है।
नफरत फैलाने वालों पर भी साधा निशाना
मोहम्मद फहीम इरफान ने अपने बयान में समाज में नफरत फैलाने वाली राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश की खूबसूरती लोगों को जोड़ने में है, न कि उन्हें बांटने में।
इस दौरान उन्होंने शायर अल्लामा इकबाल की मशहूर पंक्तियों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि भारत की पहचान विविधता में एकता से बनी है और यही भावना आगे भी कायम रहनी चाहिए।
हर धर्म का सम्मान जरूरी, यही है संदेश
विधायक ने कहा कि एक सच्चे इंसान और एक सच्चे मुस्लिम के तौर पर हर धर्म के अनुयायियों और उनकी परंपराओं का सम्मान करना नैतिक और धार्मिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेताओं अखिलेश यादव और आजम खान की नीतियों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा सामाजिक सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की पक्षधर रही है।
उन्होंने अंत में कहा कि भारत की आजादी अमन, ईमानदारी और हिंदू-मुस्लिम एकता के मूल्यों के साथ हासिल हुई थी। इसलिए देश में ईद, होली, दिवाली और अन्य पर्व मिल-जुलकर मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाना ही सबसे बड़ा संदेश है।


