महाराष्ट्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। यह कदम परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी से जुड़े सबूत सामने आने के बाद उठाया गया है। अपराध अन्वेषण शाखा की रिपोर्ट में परीक्षा के दौरान अनियमितता की पुष्टि होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक उम्मीदवार को परीक्षा का प्रश्नपत्र सेट मिला था और उसने इसका फायदा उठाया। अब आयोग इसी भर्ती के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करेगा।
जांच में गड़बड़ी की पुष्टि, पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द
MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से सवाल उठ रहे थे। मामला सामने आने के बाद इसकी जांच की गई। अपराध अन्वेषण शाखा की रिपोर्ट में परीक्षा में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद आयोग ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही रद्द करने का फैसला लिया।
जांच में सामने आया कि एक उम्मीदवार के पास परीक्षा का प्रश्नपत्र सेट पहुंचा था। आरोप है कि संबंधित उम्मीदवार ने इसका फायदा भी उठाया। यानी मामला केवल परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी खामी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सीधा सवाल खड़ा हुआ।
ऐसी स्थिति में परीक्षा रद्द करने का फैसला उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो लंबे समय से इसकी तैयारी कर रहे थे। हालांकि, परीक्षा दोबारा होने का मतलब यह भी है कि उम्मीदवारों को एक बार फिर तैयारी करनी होगी और भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग सकता है।
छात्रों के आंदोलन के बीच आया फैसला
MPSC के फैसले को परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे छात्रों की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। पेपर लीक का मुद्दा सबसे पहले विधायक रोहित पवार ने उठाया था। इसके बाद परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने भी अपनी आवाज बुलंद की।
छात्रों के एक समूह ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात कर अपनी परेशानी बताई थी। इसके अलावा पुणे में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भी एक छात्रा ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था।
इस पूरे मामले में छात्रों की मुख्य चिंता परीक्षा की निष्पक्षता और उनके भविष्य को लेकर रही। प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थी महीनों और कई बार वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटना का असर सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता। इससे पूरी चयन प्रक्रिया पर भरोसा प्रभावित होता है।
29 जुलाई 2025 को निकला था भर्ती का विज्ञापन
MPSC ने औषध निरीक्षक यानी Drug Inspector के ग्रुप-B पद के लिए 29 जुलाई 2025 को भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। यह पद अन्न एवं औषध प्रशासन संवर्ग से जुड़ा है।
अब आयोग इसी भर्ती के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित करेगा। नई परीक्षा की तारीख और दूसरी जरूरी जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए जारी की जाएगी।
यानी फिलहाल उम्मीदवारों को नई तारीख का इंतजार करना होगा। अभ्यर्थियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए MPSC की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी होगी।
विजय वडेट्टीवार बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने पहले ही ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को उठाया था और परीक्षा रद्द करने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
वडेट्टीवार ने MPSC के फैसले को छात्रों के अधिकारों के लिए चलाए गए संघर्ष की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से मेहनत कर रहे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों का समर्थन नहीं किया जाएगा और पेपर लीक के खिलाफ लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
अब अगली चुनौती दोबारा होने वाली परीक्षा को निष्पक्ष तरीके से कराना होगी। छात्रों के लिए यह फैसला एक तरफ राहत लेकर आया है, क्योंकि कथित गड़बड़ी वाली प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। दूसरी तरफ, उन्हें फिर से परीक्षा की तैयारी करनी होगी। MPSC की अगली आधिकारिक अधिसूचना इस भर्ती के अगले चरण की तस्वीर साफ करेगी।



