मुंबई में भारी बारिश के बीच फंसी मोनोरेल, यात्रियों में अफरा-तफरी, जांच के आदेश

मुंबई में भारी बारिश के बीच फंसी मोनोरेल, यात्रियों में अफरा-तफरी, जांच के आदेश

महज तीन दिन की बारिश ने मुंबई मोनोरेल की असलीयत दिखा दी. मंगलवार शाम करीब सवा छह बजे यात्रियों से खचाखच भरी मोनोरेल मुंबई के मैसूर कॉलोनी और भक्ति पार्क स्टेशनों के बीच एलिवेटेड ट्रैक पर अचानक रुक गई. इसके बाद इसके अंदर अफरा-तफरी मच गई. मोनोरेल में सैंकड़ों यात्री सवार थे. घंटों रुकने की वजह से यात्री उस अंदर परेशान हो गए.

एसी और लाइट बंद होने की वजह से लोगों को घुटन होने लगी. इसके बाद उसके अंदर चीख-पुकार मच गई. कुछ लोग बेहोश भी हो गए. कड़ी मशक्कत के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 3000 करोड़ की लागत से बनी यह मोनोरेल अचानक से फेल क्यों हो गई? ऐसे में जानिए कहानी मुंबई मोनोरेल की. कब शुरू हुई थी, कहां से कहां तक चलती है?

अचानक क्यों अटकी मोनोरेल?

एमएमआरडीए ने कहा कि भारी बारिश के कारण उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित होने की वजह से यात्रियों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था और वह मोनोरेल में सवार हो गए. अधिक भीड़ के कारण ट्रेन में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. ट्रेन की क्षमता से अधिक लोग मोनोरेल ट्रेन में चढ़ गए. इस कारण मोनोरेल फंस गई. मुंबई में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है. सड़कें, रेलवे ट्रैक सब जलमग्न हैं.

Mumbai Monorail Breakdown

मुंबई मोनोरेल कब शुरू हुई थी?

मुंबई मोनोरेल की शुरुआत 2 फरवरी 2014 को हुई थी. इसका उद्घाटन 1 फरवरी 2014 को महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने किया था. मोनोरेल में हजारों यात्री रोज सफर करते हैं. मुंबई की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर ट्रैफिक कम करने और लोकल ट्रेन व मेट्रो को जोड़ने के लिए बनाई गई थी. अनुमान ये लगाया था कि इसमें रोज लाखों यात्री सफर करेंगे. मगर 15-20 हजार यात्री ही इसमें सफर करते हैं. मुंबई मोनोरेल को बनाने में करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इसके ठेका ठेका लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और मलेशिया की स्कॉमी इंजीनियरिंग को 2,460 करोड़ रुपये में मिला था, जिसमें डिजाइन, निर्माण, और संचालन-रखरखाव शामिल था.

कहां से कहां तक चलती है?

मुंबई मोनोरेल चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक (महालक्ष्मी) तक चलती है. इस रूट करीब 19.54 किलोमीटर लंबा है. यह 17 स्टेशनों को जोड़ती है. इनमें मुख्य स्टेशन चेंबूर, वडाला, और संत गाडगे महाराज चौक हैं. पहले चरण में वडाला से चेंबूर (8.8 किमी) और दूसरे चरण में वडाला से संत गाडगे महाराज चौक (11.2 किमी) शामिल है.

घटना की कराएंगे जांच- फडणवीस

मोनोरेल की घटनी पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि किसी तकनीकी कारण से चेंबूर और भक्ति पार्क के बीच एक मोनोरेल फंस गई है. एमएमआरडीए, फायर ब्रिगेड और नगर निगम मौके पर पहुंची है. किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है. सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा. मैं सभी से शांति की अपील करता हूं. मैं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं. इस घटना के कारणों की जांच की जाएगी.