नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा, बोले- ‘मुख्य चोर भी जेल जाएगा’, अल्पसंख्यकों से की साथ आने की अपील

नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा, बोले- ‘मुख्य चोर भी जेल जाएगा’, अल्पसंख्यकों से की साथ आने की अपील

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने बिरुलिया बाजार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कई बड़े राजनीतिक दावे किए। बीजेपी उम्मीदवार हसी रानी रथ के समर्थन में हुई इस सभा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कहा कि ‘मुख्य चोर भी जेल जाएगा’। उन्होंने अपने पुराने चुनावी फैसले, नंदीग्राम की राजनीति, अल्पसंख्यक मतदाताओं और आने वाले रोजगार के अवसरों को लेकर भी कई बातें कहीं।

नंदीग्राम से इस्तीफा देने पर क्या बोले शुभेंदु?

सभा में शुभेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। ऐसे में उन्हें एक विधानसभा सीट छोड़नी पड़ी।

उन्होंने कहा कि अगर वह भवानीपुर से इस्तीफा देते तो ममता बनर्जी के दोबारा चुनाव लड़ने की संभावना बन सकती थी। इसी वजह से उन्होंने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देने का फैसला किया।

शुभेंदु ने कहा कि भले ही उन्होंने विधायक पद छोड़ दिया हो, लेकिन उनका MLA ऑफिस पहले की तरह खुला रहेगा और वह क्षेत्र के लोगों के साथ काम करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आगे वह पहले की तुलना में ज्यादा सक्रियता के साथ काम करेंगे।

उन्होंने अपने पुराने चुनावी दावे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक समय कहा था कि एक राजनीतिक पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न तक नहीं बचेगा। उनके मुताबिक अब वह स्थिति दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि नंदीग्राम के मतदाता इस बार भी उस राजनीतिक ताकत को पूरी तरह हरा देंगे।

अल्पसंख्यक मतदाताओं से बोले- ‘हमसे दोस्ती का मौका है’

शुभेंदु अधिकारी ने सभा में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने उनसे बीजेपी से दूरी नहीं बनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि किसी को भी ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। उन्होंने अल्पसंख्यक मतदाताओं से अपनी शिकायतें सामने रखने और साथ मिलकर काम करने की अपील की।

शुभेंदु ने कहा कि वह अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ पहले की तरह खड़े रहेंगे। उनका यह बयान नंदीग्राम के चुनावी माहौल में खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इलाके में अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज हैं।

हालांकि, किसी उम्मीदवार या दल को कितना समर्थन मिलता है, इसका फैसला चुनाव परिणाम और मतदाताओं के वास्तविक मतदान व्यवहार से ही होगा।

रोजगार और पुलिस भर्ती को लेकर भी किया ऐलान

सभा के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने रोजगार के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को नए भर्ती किए गए पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके साथ उन्होंने दावा किया कि अगले एक साल में एक लाख नए रोजगार के अवसर बनाए जाएंगे।

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने टीएमसी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर तंज कसा और कांग्रेस तथा CPI(M) को भी निशाने पर लिया।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बार मतगणना की प्रक्रिया बूथ के आधार पर होगी। उनके मुताबिक चुनावी गणना में बूथ स्तर के आंकड़ों पर विशेष ध्यान रहेगा।

ममता बनर्जी की चोट पर भी उठाए सवाल

शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर से चुनाव जीतने के बाद वह PG अस्पताल की पेशेंट वेलफेयर कमेटी के चेयरमैन हैं।

उनका दावा था कि ममता बनर्जी का पैर संभवतः बिरुलिया बाजार में ही टूटा था। उन्होंने कहा कि उनके पास संबंधित मेडिकल रिपोर्ट मौजूद है और चुनौती दिए जाने पर वह दस्तावेज दिखा सकते हैं। शुभेंदु ने दावा किया कि रिपोर्ट में ‘नो फ्रैक्चर’ लिखा गया था।

यह दावा शुभेंदु अधिकारी की ओर से किया गया है और खबर में इसे उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

सभा के अंत में उन्होंने चंद्रनाथ की हत्या का मुद्दा भी उठाया। शुभेंदु ने दावा किया कि हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आरोप लगाया कि हत्या के लिए पैसे देने वाले लोग डायमंड हार्बर से जुड़े हैं। यह भी उनके भाषण में लगाया गया आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस स्रोत-पाठ में उपलब्ध नहीं है।

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले शुभेंदु अधिकारी के इस भाषण ने चुनावी बहस में रोजगार, भ्रष्टाचार, अल्पसंख्यक वोट और राजनीतिक आरोपों को फिर केंद्र में ला दिया है। अब इन मुद्दों का चुनावी असर क्या रहता है, यह आने वाले मतदान और नतीजों से स्पष्ट होगा।