NCP में सनसनी: प्रफुल्ल पटेल, भुजबल और तटकरे का नाम गायब, सुनेत्रा पवार ने दी सफाई

NCP में सनसनी: प्रफुल्ल पटेल, भुजबल और तटकरे का नाम गायब, सुनेत्रा पवार ने दी सफाई

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची सामने आने के बाद बड़े-बड़े नामों के गायब होने से अटकलें तेज हो गई हैं। केंद्रीय चुनाव आयोग को 29 अप्रैल 2026 को सौंपी गई इस सूची में प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे जैसे वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिली, जिससे पार्टी में नए शक्ति केंद्र के उभरने की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने इसे तकनीकी गलती बताते हुए जल्द सुधार का आश्वासन दिया है।

बड़े नेताओं का नाम सूची से बाहर, सियासी अटकलें तेज

नई कार्यकारिणी की सूची के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई। पार्टी के रणनीतिकार माने जाने वाले प्रफुल्ल पटेल, जो अजित पवार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शुमार रहे हैं, इस बार सूची में शामिल नहीं हैं।

इसी तरह छगन भुजबल, सुनील तटकरे, हसन मुश्रीफ और दिलीप वळसे पाटील जैसे अनुभवी नेताओं को भी नई टीम में जगह नहीं दी गई। इन बदलावों को देखकर कई लोग मान रहे थे कि पार्टी अब युवा नेताओं और नए चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी कर रही है। सूची में पार्थ पवार और जय पवार को महासचिव बनाए जाने का जिक्र भी इस धारणा को बल दे रहा था।

सुनेत्रा पवार का स्पष्टीकरण, कहा- तकनीकी खामी है

जब यह सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो गई तो उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने रात करीब 1:05 बजे स्पष्ट किया कि मीडिया में प्रसारित हो रही सूची में एक तकनीकी गलती हुई है। उन्होंने लिखा, “A list of office bearers of the NCP circulating in the media has a clerical mistake and will be corrected soon.”

उनके इस बयान से अटकलों पर कुछ ब्रेक लगा है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर चर्चा अभी भी जारी है।

क्या है पूरा मामला?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 29 अप्रैल को चुनाव आयोग को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से संबंधित पत्र भेजा था। इस पत्र में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के साथ पार्थ पवार और जय पवार को महासचिव पद पर नामित किया गया था। लेकिन पुराने प्रभावशाली नेताओं के गायब होने से सवाल उठने लगे थे कि क्या पार्टी में बड़े स्तर पर संगठनात्मक बदलाव हो रहा है।

महाराष्ट्र की सत्ताधारी गठबंधन में शामिल NCP के लिए यह सूची इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले समय में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की रणनीति इससे प्रभावित हो सकती है।

महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर?

यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। अगर यह बदलाव स्थायी साबित हुआ तो पार्टी में नई पीढ़ी को ज्यादा ताकत मिलेगी। वहीं, पुराने नेताओं के समर्थक नाराजगी जता सकते हैं।

सुनेत्रा पवार के स्पष्टीकरण के बाद फिलहाल स्थिति शांत नजर आ रही है, लेकिन संशोधित सूची आने के बाद ही असली तस्वीर साफ होगी। आम नागरिकों के लिए यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में सत्ताधारी दलों के अंदरूनी बदलाव विकास कार्यों, नीतियों और स्थानीय मुद्दों को प्रभावित करते हैं।

पार्टी अब जल्द ही संशोधित सूची जारी कर इस विवाद को समाप्त करने की कोशिश करेगी। महाराष्ट्र की सियासत में यह एक और रोचक मोड़ साबित हो रहा है।