NEET पेपर लीक को NTA ने फिर से इनकार किया, संसदीय समिति में विपक्ष ने मांगा जवाब

NEET पेपर लीक को NTA ने फिर से इनकार किया, संसदीय समिति में विपक्ष ने मांगा जवाब

शिक्षा मंत्रालय से जुड़े मुद्दों पर गठित संसद की संयुक्त समिति की बैठक में गुरुवार को NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले पर जोरदार चर्चा हुई। NTA के शीर्ष अधिकारियों ने समिति के सामने साफ कहा कि उन्होंने इस पूरे प्रकरण को पेपर लीक नहीं माना है। इस बयान ने विपक्षी सदस्यों में काफी नाराजगी पैदा कर दी। सूत्रों के मुताबिक, NTA चीफ और डीजी ने बार-बार यही रुख अपनाया कि जांच सीबीआई कर रही है और जब सीबीआई इसे लीक करार देगी, तभी वे इसे स्वीकार करेंगे।

यह बैठक उन लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी, जिनका भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा हुआ है। कई छात्रों ने परीक्षा के बाद गड़बड़ियों की शिकायत की थी, जिसके चलते री-एग्जामिनेशन का फैसला लिया गया। आम लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगर पेपर लीक ही नहीं हुआ, तो परीक्षा दोबारा क्यों कराई गई?

NTA का बचाव और विपक्ष के सवाल

बैठक में विपक्षी सांसदों ने NTA अधिकारियों से एक के बाद एक सवाल दागे। जब उन्होंने पूछा कि पेपर लीक नहीं हुआ तो री-एग्जामिनेशन का फैसला क्यों लिया गया, तो NTA की तरफ से जवाब आया कि कुछ गड़बड़ियों की सूचनाएं मिली थीं और छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।

पिछली बार हुई पेपर लीक घटनाओं को लेकर भी सवाल उठे। समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने भी कई अहम सवाल NTA से पूछे। विपक्षी सदस्यों ने यह भी मांग की कि जांच रिपोर्ट समिति के सामने पेश की जाए, लेकिन सत्ता पक्ष के कुछ सांसदों ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि CBI एक स्वतंत्र एजेंसी है और उसे अपना काम करने दिया जाए।

NTA ने समिति को बताया कि भविष्य में ऐसी किसी भी चूक को रोकने के लिए वे एक मजबूत सिस्टम विकसित कर रहे हैं। पेपर सेटिंग और वितरण प्रक्रिया में केवल भरोसेमंद लोगों को शामिल करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने पर भी गंभीर विचार चल रहा है, जिससे भविष्य की परीक्षाएं अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बन सकें।

छात्रों का भविष्य और परीक्षा प्रणाली पर सवाल

यह पूरा विवाद उन लाखों युवाओं के भरोसे को प्रभावित कर रहा है जो साल भर मेहनत करके मेडिकल में प्रवेश पाने का सपना देखते हैं। जब परीक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगें, तो छात्रों और उनके परिवारों में अनिश्चितता बढ़ना लाजमी है। NTA अधिकारियों ने समिति को आश्वासन दिया कि आगे कोई चूक न हो, इसके लिए पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।

बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और शाम 4 बजे तक चली। इसमें शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और NTA के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे। जब जांच की प्रगति पर सवाल उठे तो NTA ने कहा कि फिलहाल इस मामले पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती क्योंकि CBI जांच कर रही है।

सत्ता पक्ष के सांसदों ने NTA के रुख का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को जोरदार तरीके से रखा। यह घटनाक्रम दिखाता है कि NEET जैसी बड़ी परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि समिति आगे क्या सिफारिशें करेगी, लेकिन इस बैठक ने एक बात साफ कर दी है कि पेपर लीक और परीक्षा सुधार के मुद्दे पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर बहस जारी रहेगी। छात्रों को उम्मीद है कि आने वाले समय में परीक्षा प्रक्रिया अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी, ताकि मेहनत का फल बिना किसी बाधा के मिल सके।