क्या साल में दो बार होगी NEET UG परीक्षा? NTA सिस्टम में बड़े बदलाव और नए एग्जाम मॉडल पर चर्चा

क्या साल में दो बार होगी NEET UG परीक्षा? NTA सिस्टम में बड़े बदलाव और नए एग्जाम मॉडल पर चर्चा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG को लेकर बड़े बदलावों की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार, पेपर तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव और भविष्य में JEE की तर्ज पर साल में दो बार NEET UG आयोजित करने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।

साल में दो बार NEET कराने पर चर्चा

रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार भविष्य में NEET UG को JEE Main की तरह साल में दो बार आयोजित करने की संभावना पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि इससे छात्रों को एक से अधिक अवसर मिल सकेंगे और एक ही परीक्षा पर निर्भरता कम होगी। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

सरकारी एक्सपर्ट तैयार कर सकते हैं प्रश्नपत्र

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पेपर तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए भविष्य में सरकारी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों की भूमिका बढ़ाई जा सकती है। इसका उद्देश्य प्रश्नपत्र तैयार करने की व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं के जोखिम को कम करना बताया जा रहा है।

NTA में अनुवादकों की भर्ती की तैयारी

बताया जा रहा है कि विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता सुधारने के लिए NTA अनुवादकों की भर्ती भी कर सकता है। इससे अलग-अलग भाषाओं में होने वाली त्रुटियों को कम करने और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

CBT मोड पर भी विचार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भविष्य में NEET UG को Computer Based Test (CBT) मोड में आयोजित करने का विकल्प भी विचाराधीन है। यदि ऐसा होता है तो परीक्षा कई दिनों और कई शिफ्टों में आयोजित की जा सकती है। इसके बाद ही साल में दो बार परीक्षा कराने के मॉडल पर आगे निर्णय लिया जा सकता है।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल NEET UG के आयोजन, परीक्षा की संख्या, CBT मोड या प्रश्नपत्र तैयार करने की नई व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक नोटिफिकेशन और शिक्षा मंत्रालय अथवा NTA की वेबसाइट पर जारी अपडेट पर ही भरोसा करना चाहिए।