Nitin Gadkari On Road Accidents: भारत में सड़क दुर्घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं? इस पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा खुलासा किया है। (Nitin Gadkari On Road Accidents) जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इस बात का खुलासा किया। गडकरी के मुताबिक देश में अच्छी ट्रेनिंग की कमी की वजह से कई दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने इसकी रोकथाम के लिए सरकार की ओर से किए जाने वाले उपायों के बारे में भी बताया।
क्यों बढ़े सड़क हादसे, क्या बोले गडकरी?
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों लोकसभा में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बड़ा खुलासा किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में 22 लाख स्किल्ड ड्राइवर्स की कमी है। गडकरी ने कहा कि अच्छी ट्रेनिंग की कमी के चलते कई हादसे हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नितिन गडकरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह बात कही। इसके साथ ही केंद्र सरकार की ओर से इस चुनौती से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में भी बताया।
सड़क हादसे रोकने के लिए क्या है प्लान?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में स्किल्ड ड्राइवर्स की कमी को देखते हुए अब केंद्र सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए कदम उठा रही है। केंद्र सरकार ने ड्राइवर्स के लिए ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए 4500 करोड़ रुपए की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत देशभर में 1600 ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट स्थापित किए जाएंगे। जिससे 60 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से क्लस्टर दृष्टिकोण सहित ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र और ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया गया है।
पहले भी आ चुकी चौंकाने वाली रिपोर्ट
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि हर साल सड़क दुर्घटनाओं के कारण लगभग 1.8 लाख लोग जिंदगी गंवा देते हैं। इनमें से कई जान अनट्रेंड ड्राइवर्स की वजह से भी जाती हैं। इधर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से इस खुलासे से पहले भी एक रिपोर्ट सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस रिपोर्ट में सामने आया था कि भारत में करीब 55 प्रतिशत ट्रक ड्राइवर्स की नजर कमजोर है। करीब 44 फीसदी ड्राइवर्स में BMI ठीक नहीं है। 57 प्रतिशत ड्राइवर्स को ब्लडप्रेशर की परेशानी है। जिससे दुर्घटना होने का अंदेशा बढ़ने की आशंका रहती है।