नई सरकार में भाजपा दो नए चेहरों को उपमुख्यमंत्री बनाना चाहती थी. बीजेपी चाहती थी कि एक उपमुख्यमंत्री कोई महिला हो. इधर नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम को लेकर भाजपा से अपनी हामी भर दी.
अब भाजपा के सामने धर्म संकट यह कि अगर सिर्फ नीतीश कुमार का प्रस्ताव स्वीकार करें तो पार्टी के अंदर एक असंतोष की सुगबुगाहट हो सकती थी. या तो दोनों चेहरे बदले जाएं या फिर दोनों ही रिपीट किया जाए. लिहाजा आखिरी वक्त में ये फैसला लिया गया कि किसी एक को रिप्लेस करने के जोखिम ना लेते हुए दोनों ही उपमुख्यमंत्रियों को रिपीट किया जाए.



