नोएडा में 12 करोड़ की साइबर ठगी, व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जाल में फंसा कारोबारी

नोएडा में 12 करोड़ की साइबर ठगी, व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जाल में फंसा कारोबारी

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में 12 करोड़ की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। नोएडा के सेक्टर-47 निवासी इन्द्रपाल चौहान को साइबर ठगों ने निशाना बनाया। ठगों ने जब 17 करोड़ रुपयों की मांग की, तब जाकर पीड़ित को छगे जाने का एहसास हुआ और उसने पुलिस के पास जाकर मामला दर्ज कराया।

कैसे हुई ठगी?

सबसे पहले व्हाट्सऐप पर इन्द्रपाल के पास क्यारा शर्मा नाम की प्रोफाइल से मैसेज आया। महिला ने बातचीत शुरू की फिर निवेश के लिए उकसाया। निवेश कराने के नाम पर पीड़ित को दो व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। सुंदरन एएसमी स्टे पॉजिटिव और 111 सुंदर एएमसी इनफिनाइट पॉसिबिलिटी ग्रुप के जरिए पीड़ित के साथ ठगी की गई। ग्रुप में नकली प्रॉफिट स्क्रीनशॉट दिखाकर भरोसा दिलाया गया कि यह प्रमाणित शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है।

50 हजार से शुरू किया निवेश

पीड़ित ने शुरू में 50 हजार रुपये निवेश किया। बाद में 17 दिन में 9 ट्रांजैक्शन में कुल 11,99,50,000 रुपये ट्रांसफर किये। साइबर ठगों द्वारा पैसे कई खातों में ट्रांसफर करवाया गया। शुरू में प्रॉफिट से 9 लाख रुपये आसानी से निकल भी गए। इस घटना से पीड़ित का भरोसा और बढ़ गया। इसके बाद ठगों ने एग्जैटो टेक्नोलॉजी लिमिटेड के आईपीओ में निवेश के नाम पर और 17 करोड़ रुपये की मांग की। पीड़ित को तब शक हुआ और समझ आया कि उसके साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है। इसके बाद पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम सेक्टर-36 में एफआईआर दर्ज करवाई गई।

जांच में जुटी पुलिस

लगभग 12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले मे साइबर थाना पुलिस जांच में जुटी है। अकाउंट्स के डिटेल के साथ अमाउंट फ्रिज करवाने में जुटी साइबर पुलिस की अन्य टीमें भी मदद कर रही हैं।