नोएडा में सैलरी विवाद ने लिया हिंसक मोड़: 300 गिरफ्तार, अब ‘पाकिस्तानी लिंक’ की एंगल से जांच तेज

नोएडा में सैलरी विवाद ने लिया हिंसक मोड़: 300 गिरफ्तार, अब ‘पाकिस्तानी लिंक’ की एंगल से जांच तेज

नोएडा में मजदूरों का वेतन बढ़ाने का मुद्दा अब सिर्फ श्रमिक आंदोलन नहीं रहा, बल्कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है। सोमवार को शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसा में बदल गया, और इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी साफ दिखा—सड़कों पर जाम, आगजनी और तनाव का माहौल।

वेतन की मांग से शुरू, हिंसा तक कैसे पहुंचा मामला

दरअसल, हजारों मजदूर और फैक्ट्री कर्मचारी लंबे समय से वेतन असमानता को लेकर नाराज थे। उनका आरोप है कि समान काम के बावजूद हरियाणा के मुकाबले नोएडा में उन्हें कम वेतन मिलता है। सोमवार को यही नाराजगी सड़कों पर उतर आई।

करीब 80 से ज्यादा जगहों पर 40 हजार से अधिक श्रमिक प्रदर्शन में शामिल हुए। शुरुआत शांतिपूर्ण थी, लेकिन कुछ स्थानों पर स्थिति बेकाबू हो गई। पथराव, गाड़ियों में आगजनी और सड़क जाम ने हालात बिगाड़ दिए। पुलिस को मजबूरन आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

300 गिरफ्तार, CCTV से पहचान जारी

हिंसा के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अब तक 300 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कुल 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

पुलिस का कहना है कि अधिकांश स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ जगहों पर अचानक भीड़ उग्र हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि सीमावर्ती जिलों से आए कुछ लोगों ने माहौल को भड़काने की कोशिश की। अब CCTV फुटेज के आधार पर पहचान कर आगे कार्रवाई की जा रही है।

‘पाकिस्तानी लिंक’ की एंट्री से जांच का दायरा बढ़ा

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब प्रशासन ने इसमें बाहरी और संभावित विदेशी कनेक्शन की जांच शुरू की। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने संकेत दिए हैं कि हाल की आतंकी गतिविधियों को देखते हुए इस हिंसा के पीछे किसी साजिश की भी पड़ताल की जा रही है।

इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने के आरोप में दो एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे साफ है कि प्रशासन इस मामले को केवल कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि व्यापक सुरक्षा नजरिए से देख रहा है।

सरकार का कदम: मजदूरी बढ़ाई, लेकिन सवाल बाकी

तनाव के बीच राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू मानी जाएंगी। गौतम बुद्ध नगर में अकुशल मजदूरों का वेतन अब 13,690 रुपये, अर्ध-कुशल का 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों का 16,868 रुपये तय किया गया है।

हालांकि, मजदूरों की मांग इससे कहीं ज्यादा है। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में 20 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन जरूरी है। साथ ही, कंपनियों पर डबल शिफ्ट कराकर सिंगल शिफ्ट का भुगतान करने जैसे आरोप भी गंभीर चिंता पैदा करते हैं।