आज के समय में अधिकतर लोगों के पास कोई न कोई गाड़ी होती है और इनमें से अधिकतर लोग ड्राइविंग के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) की मूल कॉपी साथ नहीं रखते, उन लोगों के खुशखबरी है कि अब इन दस्तावेजों की ई-कॉपी मान्य होगी.
केंद्र सरकार की ओर से बीते 19 नवंबर को दुबारा जारी नोटिफिकेशन में राज्य सरकारों को निर्देशित किया गया है कि वो अपने यहां इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करें. यही नहीं इस व्यवस्था का प्रचार-प्रसार करते हुए आमजनता को जागरूक करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पहले भी जारी किए गए थे निर्देश
बता दें कि सड़क परिवहन मंत्रालय ने पहले भी 8 अगस्त 2018 को राज्यों के परिवहन सचिवों-परिवहन आयुक्तों, डीजीपी-एडीजीपी (ट्रैफिक) को इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को मानने के आदेश जारी किए थे.
शहर में लाखों वाहन चालकों की सुविधा के लिए बनी केंद्र सरकार की अनोखी योजना का पालन दिल्ली सहित कई राज्य नहीं कर रहे हैं.
इसलिए दुबारा जारी करना पड़ा आदेश
आदेश के बावजूद भी गाड़ी के मूल दस्तावेज एवं ड्राइविंग लाइसेंस न होने की सूरत में चालान काट रहे हैं. इसको रोकने एवं डिजिटल इंडिया के तहत इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को मानने के लिए केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय ने सोमवार को फिर से सभी राज्यों के परिवहन प्रमुखों, परिवहन विभाग के सचिवों एवं पुलिस महानिदेशकों को पत्र लिखा है. साथ ही वाहनों के इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों व ड्राइविंग लाइसेंस को असल दस्तावेज मानने को कहा है।
क्या था निर्देश
पहले दिये आदेश में कहा गया था कि सूचना तकनीकी कानून 2000 के मुताबिक डिजिटल लॉकर अथवा एम-परिवहन मोबाइल एप में इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट व अन्य दस्तावेज कानूनी रूप से मान्य हैं. वाहन मालिक या ड्राइवर अगर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में दस्तावेज पेश करता है तो ट्रैफिक पुलिस-परिवहन अधिकारी उसे कानूनी रूप से वैध व असल मानें.



