“कश्मीर से केवड़िया” तक उमर अब्दुल्ला की दौड़ पर मोदी का प्यार, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बताया ‘नए भारत की पहचान’

“कश्मीर से केवड़िया” तक उमर अब्दुल्ला की दौड़ पर मोदी का प्यार, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बताया ‘नए भारत की पहचान’

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इन दिनों गुजरात दौरे पर हैं. यहां बीते दिन वह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे. इसके पहले उन्होंने यहां रनिंग भी की जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं. अब्दुल्ला की इस यात्रा पर पीएम मोदी ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की उनकी यात्रा सभी भारतीयों को देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने के लिए प्रेरित करेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CM उमर अब्दुल्ला के सोशल मीडिया पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा, ‘कश्मीर से केवड़िया. उमर अब्दुल्ला को साबरमती रिवरफ्रंट पर दौड़ते और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने जाते देखकर बहुत अच्छा लगा. उनकी यह यात्रा एकता का एक महत्वपूर्ण संदेश देती है और हमारे साथी भारतीयों को भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने के लिए प्रेरित करेगी.’

पीएम मोदी इस पोस्ट से पहले सीएम अब्दुल्ला ने साबरमती रिवरफ्रंट पर अपनी सुबह की तोड़ते हुए की तस्वीरें पोस्ट की थी. उन्होंने कहा, यह उन सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है जहां मैं दौड़ पाया हूं और इतने सारे अन्य पैदल यात्रियों/धावकों के साथ इसे साझा करना मेरे लिए खुशी की बात है. मैं अद्भुत अटल फुट ब्रिज के पास से भी दौड़कर गुजरा हूं

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ देखकर क्या बोले अब्दुल्ला

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखकर कहा, ‘मैंने सोचा नहीं था कि यह प्रतिमा इतनी भव्य होगी. सरदार वल्लभभाई पटेल, जिन्हें हम ‘आयरन मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जानते हैं, उनके लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है, यह ‘नए भारत’ की एक बड़ी पहचान है.’

कश्मीर पर क्या बोले सीएम अब्दुल्ला?

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन बहुत प्रभावित हुआ है, लेकिन उद्योग से जुड़े लोग बेकार नहीं बैठे हैं. अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुधवार से गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं. पहलगाम हमले के बाद कश्मीर का पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘ कश्मीर खाली नहीं है और हम यहां निराश होकर नहीं आए हैं. हम बस यही चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग जम्मू कश्मीर आएं. इसलिए कोई गलतफहमी न पालें. लाखों लोग माता वैष्णो देवी की यात्रा और अमरनाथ यात्रा (पहलगाम हमले के बाद) के लिए पहले ही कश्मीर आ चुके हैं.’