पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बौखला गया था. इसी के बाद वो लगातार इसको रुकवाने के लिए अमेरिका के आगे गुहार लगा रहा था. यहां तक कि उसने अमेरिका के टॉप नेताओं से संपर्क साधने के लिए कई तरह की रणनीति अपनाईं. जिनको लेकर हाल ही में बड़ा खुलासा हुआ है. गरीबी का सामना कर रहे देश ने अमेरिकी नेताओं से संपर्क साधने के लिए हर महीने 45 लाख रुपये खर्च किए. अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, वॉशिंगटन डीसी में पाकिस्तान की लॉबिंग फर्मों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और उसके बाद पाकिस्तान की शीर्ष अमेरिकी राजनेताओं तक पहुंच बनाने में मदद के लिए बड़े पैमाने पर कोशिश की.
Squire Patton Boggs (SPG) जैसी फर्मों और Javelin Advisors जैसी नई फर्मों ने पाकिस्तान की ओर से प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के नेतृत्व से संपर्क साधने में सहायता की. इसके अलावा, दोनों सदनों में विदेश नीति से जुड़े कई सांसदों तक पहुंच बनाने में भी इन फर्मों ने पाकिस्तान की मदद की.


