Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ…! भारत के पास क्या- क्या सबूत?

Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ…! भारत के पास क्या- क्या सबूत?

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला पाकिस्तान की साजिश थी। भारत की सुरक्षा एजेंसीज ने इस बात के सबूत ढूंढ निकाले हैं। भारत के पास एक नहीं कई सबूत हैं, (Pahalgam Terror Attack) जिनसे साबित होता है कि पहलगाम में 26 बेगुनाह पर्यटकों की जान लेने वाले आतंकियों का पाकिस्तान से कनेक्शन है। इस हमले में दो स्थानीय आतंकियों का भी नाम आ रहा है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसीज इन सभी आतंकियों की तलाश में जुटी हैं। इसके लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

पहलगाम हमले का पाकिस्तान कनेक्शन !

कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 पर्यटकों को गोली मार दी। धर्म पूछकर नरसंहार की इस घटना से पूरे देश में आक्रोश है। इस बीच भारत ने आतंकी और हमले की साजिश रचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। भारत का कहना है कि पहलगाम में आतंकी हमला पाकिस्तान की साजिश है। अब सुरक्षा एजेंसीज को घटना स्थल की जांच और चश्मदीदों से बातचीत के बाद इस दिशा में अहम सुराग मिले हैं। जिससे जाहिर होता है कि पहलगाम आतंकी हमला पाकिस्तान के आतंकियों की साजिश थी। इसमें दो स्थानीय आतंकी भी शामिल थे, अब सुरक्षा बल इनकी तलाश में जुटे हैं।

पाकिस्तान के 3 आतंकियों ने किया हमला

पहलगाम में आतंकी हमले में पांच आतंदवादियों के शामिल होने की बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा एजेंसीज की जांच में यह सामने आया है कि इनमें तीन आतंकवादी पाकिस्तान के हैं। जबकि दो स्थानीय आतंकी भी इस हमले में शामिल थे। सुरक्षा एजेंसीज ने इन आतंकियों के नाम भी पता कर लिए हैं। इसके साथ ही इस बात की भी जानकारी जुटा ली है कि इन आतंकियों ने पाकिस्तान में कब ट्रेनिंग ली? कब यह भारत में दाखिल हुए ? और कैसे इस हमले को अंजाम दिया? फिलहाल यह सभी आतंकी फरार हैं।

2 लोकल टेररिस्ट ने की हमले में मदद

सुरक्षा एजेंसीज की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान के तीन आतंकियों को इस हमले में अंजाम देने में दो स्थानीय आतंकियों ने भी मदद की। इन स्थानीय आतंकियों के नाम आसिफ और आदिल बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों की ओर से इनके स्थानीय घर और ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा एजेंसीज को पता लगा है कि इन आतंकियों ने 2018 में पाकिस्तान जाकर आतंक की ट्रेनिंग ली। इसके बाद यह TRF के संपर्क में आए और 2024 में भारत लौट आए। हमले के दौरान आदिल और आसिफ ने पाकिस्तानी आतंकियों को गाइड किया।