पाकिस्तान चुनाव में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं, इमरान और नवाज ने किया जीत का दावा

पाकिस्तान चुनाव में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं, इमरान और नवाज ने किया जीत का दावा

पाकिस्तान में हुए आम चुनाव की स्थिति लगभग साफ हो चुकी है। अब तक आए नतीजों के अनुसार किसी भी पार्टी को चुनाव में बहुमत नहीं मिला है। हालांकि, नवाज शरीफ और इमरान खान, दोनों ने ही अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं।चुनाव आयोग ने नेशनल असेंबली की 245 सीटों के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इनमें से करीब 98 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं है। और ये निर्दलीय उम्मीदवार इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समर्थित हैं।

पाकिस्तान चुनाव आयोग के अनुसार, नेशनल असेंबली की कुल 266 में से 245 सीटों के नतीजे आ गए हैं।इनमें से 98 सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं हैं, जबकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (PML-N) को 69, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) को 51, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MKM) को 12 और अन्य छोटे दलों को 14 सीटें मिलीं हैं।यहां त्रिशंकु चुनाव परिणाम के कारण जोड़-तोड़ की संभावनाएं बढ़ गईं हैं और करीब 20 सीटों के नतीजे आने बाकी हैं।

पाकिस्तान चुनाव में PTI समर्थित उम्मीदवारों की भारी जीत पर पार्टी प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ने बयान जारी किया।उन्होंने कहा, “आपने वोट देकर सच्ची आजादी की बुनियाद रख दी है। मैं आपको 2024 चुनाव जीतने पर मुबारकबाद पेश करता हूं। लंदन प्लान आपके वोट की वजह से फेल हो गया।”इमरान का यह बयान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट किया गया है क्योंकि वह इस समय जेल में बंद हैं।

इमरान ने दावा किया कि धांधली शुरू होने से पहले वह नेशनल असेंबली की 150 सीटों पर जीत रहे थे। उन्होंने अपनी पार्टी और कार्यकर्ताओं को अपने वोट की सुरक्षा करने की सलाह दी है।

चुनाव नतीजों को लेकर PML-N प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन सरकार बनाने के लिए अन्य समूहों से बात करेगी क्योंकि वह अपने दम पर स्पष्ट बहुमत हासिल करने में विफल रहे।नवाज ने कहा, “जिसे भी जनादेश मिला है, चाहे वह निर्दलीय हो या पार्टियां, हम उन्हें मिले जनादेश का सम्मान करते हैं। इसलिए हम अन्य पार्टियों और उम्मीदवारों को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं।”
बता दें पाकिस्तान की 336 सीटों वाली नेशनल असेंबली में 266 उम्मीदवार प्रत्यक्ष मतदान के जरिए चुने जाते हैं, शेष 70 सीटें आरक्षित हैं।इनमें से 60 महिलाओं के लिए और 10 गैर-मुसलमानों के लिए नामित हैं, जो विधानसभा में प्रत्येक पार्टी के प्रतिनिधित्व के आधार पर आवंटित की जाती हैं।किसी भी पार्टी को जीत के लिए न्यूनतम 133 सीटों की आवश्यकता है। हालांकि, अब तक सामने आए चुनाव नतीजों को देखकर लगता है कि यहां गठबंधन की सरकार ही बनेगी।