खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में फैसला आ गया है. इस मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में ही निखिल ने अपना जुर्म कुबूल भी कर लिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद से ही अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका और भारत के बीच के रिश्तों में फिर से खटास आएगी?
माना जा रहा है कि अमेरिका निखिल गुप्ता के कुबूलनामे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है. खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश को लेकर भारत और अमेरिका के बीच पहले भी रिश्ते बिगड़ चुके हैं. लंबे समय बाद भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते सुधरे हैं. ऐसा कहा गया कि निखिल गुप्ता ने तत्कालीन भारतीय सुरक्षा अधिकारी ( विकास यादव) के निर्देशानुसार ये साजिश रची थी.


