भीषण गर्मी का कहर: पटना में 5वीं तक स्कूल बंद, 6 से 8वीं का समय बदला

भीषण गर्मी का कहर: पटना में 5वीं तक स्कूल बंद, 6 से 8वीं का समय बदला

पटना में भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया है। डीएम त्यागराजन ने आदेश जारी कर 5वीं तक के सभी स्कूलों को 22 मई से 26 मई तक पूरी तरह बंद कर दिया है। छठी से आठवीं तक की कक्षाओं को सुबह 10:30 बजे तक समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश सरकारी, निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्री-स्कूलों पर लागू होगा।

पटना में गुरुवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दोपहर में तेज धूप और लू ने लोगों को खासतौर पर परेशान किया। छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे अभिभावकों को भी काफी राहत मिली है। आम परिवारों के लिए यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस उम्र के बच्चों को गर्मी में स्कूल जाना और घर लौटना दोनों ही जोखिम भरा हो सकता है।

अन्य जिलों में भी सख्ती, गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा

भीषण गर्मी का असर केवल पटना तक सीमित नहीं है। दक्षिण बिहार के कई जिलों में भी स्कूलों पर पाबंदी लगाई गई है। छपरा और कैमूर में 5वीं तक के स्कूल पहले ही बंद कर दिए गए हैं। सासाराम में 31 मई तक छुट्टी रहेगी, जबकि गया में 25 मई तक छोटे बच्चों के स्कूल बंद रहेंगे।

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। पटना में शुष्क मौसम रहने और तापमान में और इजाफा होने के आसार हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

प्रशासन की सलाह: लू से बचाव के उपाय अपनाएं

डीएम त्यागराजन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नंगे पैर धूप में न रहें। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए भरपूर पानी, जूस, नारियल पानी, नींबू पानी और तरबूज जैसे फलों का सेवन करें।

छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर खास नजर रखने की सलाह दी गई है। दोपहर की तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए। यह सावधानियां न सिर्फ स्वास्थ्य को बचाएंगी बल्कि गर्मी से होने वाली परेशानियों को भी कम करेंगी।

आम जीवन पर असर और आगे की चुनौती

पटना समेत पूरे बिहार में इस समय गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। स्कूलों का समय बदलना या छुट्टी घोषित करना बच्चों की पढ़ाई पर असर डाल सकता है, लेकिन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। अभिभावक अब घर पर बच्चों की पढ़ाई और अन्य गतिविधियों का प्रबंधन करेंगे।

प्रशासन का यह फैसला दिखाता है कि मौसम की चुनौती को गंभीरता से लिया जा रहा है। अगर गर्मी और बढ़ती है तो आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल सभी को सलाह है कि धूप से बचें, पानी पीते रहें और कमजोर लोगों का खास ख्याल रखें।

बिहार में मई का महीना अक्सर गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार तापमान ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उम्मीद है कि मौसम जल्द ही अनुकूल होगा और सामान्य दिनचर्या बहाल हो सकेगी।