मिडिल ईस्ट में चल रहे इजराइल-ईरान संघर्ष के बाद पूरे विश्व में इसका असर देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि लोग अब इस जंग को लेकर सतर्क हैं. इसका असर देश में भी देखने को मिल रहा है. शिया समुदाय के लोग ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का शोक मना रहे हैं. वहीं अब इस जंग का असर फ्यूल की कीमतों पर भी पड़ रहा है. यही वजह है कि बीते दिन पूरे देश में फ्यूल की आगामी स्थिति पर चर्चा शुरू हो गई, और इसका असर छत्रपति संभाजीनगर शहर में भी देखने को मिला है. यहां पेट्रोल खत्म होने की अफवाह की वजह से पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
शहर में अफवाहें फैली कि युद्ध से कच्चे तेल का इंपोर्ट रुक जाएगा, पेट्रोल पंप बंद हो जाएंगे. डर की वजह से लोग पेट्रोल पंप पर फ्यूल लेने के लिए जमा होने लगे. देखते ही देखते कई पेट्रोल पंप पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई. कई जगहों पर लोगों की भारी भीड़ की वजह से स्थित बिगड़ने लगी. स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस का सहारा लिया गया.



