Narendra Modi ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनता के सामने कई बड़े वादे रखे हैं। West Bengal के पूर्व मेदिनीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और सरकारी व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साफ कीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर Bharatiya Janata Party की सरकार बनती है, तो राज्य में “डर का माहौल खत्म कर भरोसे का माहौल” बनाया जाएगा। उनके बयान से साफ संकेत मिला कि इस चुनाव में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही बड़े मुद्दे रहने वाले हैं।
कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि राज्य में हुई हर बड़ी घटना—चाहे वह भ्रष्टाचार हो, महिलाओं के खिलाफ अपराध हो या अन्याय—सभी मामलों की फाइलें दोबारा खोली जाएंगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “चाहे मंत्री हो या चौकीदार, जो भी भ्रष्टाचार में शामिल है, उसे जेल जाना होगा।” यह बयान सीधे तौर पर All India Trinamool Congress सरकार पर निशाना माना जा रहा है, जिसकी अगुवाई Mamata Banerjee कर रही हैं।
प्रशासन होगा जनता के प्रति जवाबदेह
PM मोदी ने भरोसा दिलाया कि अगर उनकी सरकार बनी, तो प्रशासन पूरी तरह जनता के प्रति जवाबदेह होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी को पारदर्शी और जिम्मेदार बनाया जाएगा, ताकि आम नागरिक को न्याय और सेवाएं आसानी से मिल सकें। यह वादा खास तौर पर उन मतदाताओं को ध्यान में रखकर किया गया है, जो सरकारी व्यवस्था में सुधार की उम्मीद रखते हैं।
शरणार्थियों को अधिकार, घुसपैठियों पर सख्ती
प्रधानमंत्री ने एक और अहम मुद्दा उठाते हुए कहा कि शरणार्थियों को संवैधानिक अधिकार दिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि “घुसपैठियों को भारत में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” यह मुद्दा बंगाल की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का केंद्र रहा है और चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत: 7वां वेतन आयोग लागू करने का वादा
PM मोदी ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार बनते ही 7वां वेतन आयोग लागू किया जाएगा। यह कदम लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित करेगा और उनकी आर्थिक स्थिति पर असर डालेगा।
‘डबल इंजन सरकार’ का फॉर्मूला और विकास का वादा
प्रधानमंत्री ने “डबल इंजन सरकार” की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि जब केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होती है, तो विकास की गति तेज होती है। उन्होंने कहा कि इससे बंगाल को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी, खासकर मत्स्य और समुद्री उत्पाद जैसे क्षेत्रों में।
अब नजरें चुनाव पर, जनता तय करेगी भविष्य
बंगाल में चुनाव दो चरणों—23 और 29 अप्रैल—को होंगे। वहीं नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इन वादों के जरिए भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह इस बार बंगाल में सत्ता हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। अब देखना होगा कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा जताती है।


