PM Modi Cabinet Reshuffle: NDA की बैठक के बाद फिर तेज हुई कैबिनेट फेरबदल की चर्चा, जानिए कौन-कौन मंत्री पहुंचे

PM Modi Cabinet Reshuffle: NDA की बैठक के बाद फिर तेज हुई कैबिनेट फेरबदल की चर्चा, जानिए कौन-कौन मंत्री पहुंचे

कैबिनेट फेरबदल की अटकलों को फिर मिला जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। इसकी वजह सोमवार को हुई एक बैठक बताई जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ राज्य मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के शामिल होने की खबर है। हालांकि, इस बैठक को लेकर सरकार, भाजपा या NDA की तरफ से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल फेरबदल को लेकर चल रही बातें अटकलों तक ही सीमित हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में सामाजिक कल्याण समेत सरकार के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के कामकाज और उनकी परफॉर्मेंस की समीक्षा की। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई और क्या कोई संगठनात्मक या मंत्रिमंडल से जुड़ा फैसला लिया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बैठक में जयंत चौधरी से रामदास आठवले तक कौन पहुंचा?

डेकन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में जयंत चौधरी, प्रताप राव जाधव, चंद्रशेखर पेम्मासानी, कमलेश पासवान और रामदास आठवले समेत कई मंत्री मौजूद थे। हालांकि, बैठक में कुल कितने मंत्री शामिल हुए और सभी उपस्थित मंत्रियों की पूरी सूची क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

यही वजह है कि बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट फेरबदल की चर्चा ने फिर जोर पकड़ लिया है। खासकर मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की खबरों को संभावित बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

किन मंत्रियों की बदल सकती है जिम्मेदारी?

संभावित फेरबदल को लेकर सबसे बड़ा कयास यही है कि केंद्र सरकार में कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। कुछ नेताओं को मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा है। वहीं, नए चेहरों को सरकार में जगह मिलने की संभावना को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में शामिल किया गया है। इसके बाद संगठन और सरकार के बीच जिम्मेदारियों में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाओं को और हवा मिली है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन घटनाक्रमों का संभावित कैबिनेट फेरबदल से सीधा संबंध है या नहीं।

जून में भी तेज हुई थी मंत्रिमंडल बदलाव की चर्चा

केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलें इससे पहले जून में भी तेज हुई थीं। उस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। यह मुलाकात उस समय संभावित मंत्रिपरिषद फेरबदल और विस्तार की चर्चाओं के बीच हुई थी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी राष्ट्रपति से मुलाकात हुई थी।

अब सोमवार की बैठक के बाद एक बार फिर संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, जब तक सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इन संभावनाओं को केवल राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

दो मंत्रियों की जगह को लेकर पहले ही बदलाव

केंद्रीय मंत्रिपरिषद में दो पदों को लेकर पहले ही बदलाव की स्थिति बनी है। केरल से भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था। वह अल्पसंख्यक मामलों तथा मत्स्य, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री थे। पार्टी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया और उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया।

इसी तरह रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह का राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है और उन्हें उच्च सदन के लिए दोबारा नामित नहीं किया गया। वह खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। इसके अलावा कुछ केंद्रीय मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां दिए जाने की बात भी सामने आई है।

ऐसे में सोमवार की बैठक, मंत्रियों की समीक्षा और हालिया संगठनात्मक बदलावों को जोड़कर देखें तो कैबिनेट फेरबदल की चर्चा ने जरूर जोर पकड़ा है, लेकिन फिलहाल किसी बड़े बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।