प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर हैं. पीएम की इस यात्रा का मकसद पश्चिम एशिया और अफ्रीका में रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करना है. भारत ने ये पहल तब कि है जब जियोपॉलिटिकल माहौल ट्रेड की खींचतान, एनर्जी की समस्या, सुरक्षा संकट और दूसरी रणनीतिक और आर्थिक दिक्कतों से घिरा हुआ है. वह सोमवार को जॉर्डन पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया.
जॉर्डन की राजधानी अम्मान में नरेंद्र मोदी की किंग अब्दुल्लाह II और प्रधानमंत्री जफर हसन से मुलाकात की चर्चा दुनिया भर में है, क्योंकि जॉर्डन पूरे मिडिल ईस्ट में सबसे अनोखी ताकत है. भारत के इस देश के साथ रिश्ते मजबूत करना एक संकेत की ओर इशारा कर रहा है कि भारत जैसे विश्व में अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहता है, ऐसे मध्य पूर्व में भी वह सऊदी अरब और ईरान से अलग दूसरी ताकतों के साथ रिश्ते मजबूत कर अपने हित साधेगा.




