गर्मी से बेहोश हुए बंदर के बच्चे के लिए पुलिसकर्मी बना देवदूत, कड़ी मशक्कत के बाद बचाई जान

गर्मी से बेहोश हुए बंदर के बच्चे के लिए पुलिसकर्मी बना देवदूत, कड़ी मशक्कत के बाद बचाई जान

नई दिल्ली। पता नहीं किस रूप में आकर ‘नारायण’ मिल जाए…इस भजन की ये लाइन आज यूपी के बुलंदशहर में चरितार्थ रूप में देखने को मिली, जहां गर्मी से बेहोश एक बंदर के बच्चे की जान बचाने के लिए एक पुलिसकर्मी देवदूत बनकर आया। मानवता की मिसाल पेश करते हुए उस पुलिसकर्मी ने सीपीआर देकर कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार बंदर के बच्चे की जान बचा ली। जिस दौरान विकास बंदर के बच्चे की जान बचाने की मशक्कत कर रहे थे तभी किसी ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में लोग पुलिसकर्मी के इस काम की सराहना कर रहे हैं।

यह पूरा मामला बुलंदशहर के छतारी पुलिस स्टेशन का है जहां बंदर का एक बच्चा भीषण गर्मी के चलते बेहोश होकर पेड़ से गिर गया। थाने में तैनात हेड कांस्टेबल विकास तोमर ने जैसे ही उसे देखा उन्होंने तुरंत ही बंदर के बच्चे को सीपीआर देते हुए छाती पर पंप करना शुरू किया। इस दौरान बीच-बीच में विकास बंदर के बच्चे के मुंह में थोड़ा पानी भी डालते रहे। काफी देर सीपीआर देने के बाद आखिरकार बंदर के बच्चे को होश आ गया।

जब इस बारे में हेड कांस्टेबल विकास तोमर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमें हर प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। इंसान और बंदर के शरीर में बहुत समानता होती है, इसीलिए मैंने बंदर को होश में लाने के लिए उसे सीपीआर देने की सोची। मैंने लगभग 45 मिनट तक बंदर की छाती पर पंप किया, बीच-बीच में उसकी छाती को हाथों से रगड़ता रहा और मुंह में थोड़ा पानी डालता रहा, जिसके बाद वह होश में आ गया। विकास ने बताया कि इस बंदर के बच्चा को रोजाना पुलिस स्टेशन के बाहर उछल कूद कर खेलते देखकर मुझे अच्छा लगता था, आज जब वो बेहोश हुआ तो मुझे लगा कि उसकी जान बचाने के लिए कुछ करना चाहिए, मैं खुश हूं कि उसकी जान बच गई।