प्रयागराज में शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर आरोप लगाते हुए कहा कि सनातन धर्म के नाम पर फंडिंग लेने वाले लोगों को मां गंगा का श्राप लगा है. मां गंगा को गंदा कहने वाले लोग गंगा में स्नान नहीं कर पाए. ऐसे शंकराचार्य को पुलिस द्वारा तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि एमपी के नरसिंहपुर, वाराणसी और यहां तक कि ज्योतिषमठ में गलत काम किया जाता था.
शंकराचार्य बनने के चक्कर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने मृत गुरु की जगह तुरंत ले ली. शंकराचार्य की उपाधि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाई गई है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने ये भी कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा माघ मेला की 17 जनवरी को बच्चों का यौन उत्पीड़न किया गया. माघ मेले में बने इनके शिविर में गलत काम किया गया, जिसमे पूर्णिमा नाम की महिला ने इनका साथ दिया.



