प्रेमानंद महाराज के आश्रम में ‘भूमाफिया’ का दावा, CM योगी को लिखी चिट्ठी, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

प्रेमानंद महाराज के आश्रम में ‘भूमाफिया’ का दावा, CM योगी को लिखी चिट्ठी, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा और वृंदावन के उनके आश्रम से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने और आश्रम से जुड़े आरोपों की जांच कराने की मांग की है। पत्र में आश्रम के भीतर कथित तौर पर दो गुट सक्रिय होने, कुछ लोगों के प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े होने और भूमाफिया से संबंध होने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, ये सभी दावे फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोप हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

आश्रम में दो गुट होने का दावा, संपत्ति विवाद का भी जिक्र

फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में दावा किया है कि केलिकुंज आश्रम में दो अलग-अलग गुट सक्रिय हैं। एक तरफ उन्होंने वास्तविक संतों का समूह बताया, जबकि दूसरे गुट पर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं।

पत्र के मुताबिक, केलिकुंज आश्रम से जुड़े कुछ लोग प्रॉपर्टी के कारोबार में सक्रिय हैं। फलाहारी महाराज का दावा है कि संपत्ति से जुड़े मामलों को लेकर दूसरे गुट की प्रेमानंद महाराज से नाराजगी थी। उनका आरोप है कि इसी माहौल से आहत होकर प्रेमानंद महाराज कई तपस्वी संतों के साथ बेलवन आश्रम चले गए।

फलाहारी महाराज ने यह भी दावा किया है कि प्रेमानंद महाराज की छवि और सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।

‘आपराधिक प्रवृत्ति के लोग’ और कई आश्रमों का आरोप

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में फलाहारी महाराज ने केलिकुंज आश्रम में कुछ कथित आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के छिपे होने का आरोप भी लगाया है। उनका दावा है कि प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता और नाम की आड़ में ऐसे लोगों ने करीब 14 आश्रम खड़े कर लिए हैं।

फलाहारी महाराज के मुताबिक, कुछ कथित भूमाफिया से जुड़े संत प्रेमानंद महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराने और महाराज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

उनका कहना है कि प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि इसे देशहित के नजरिए से भी देखा जाना चाहिए।

बच्चों के गायब होने के आरोप से मामला और गंभीर

फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में केलिकुंज आश्रम से बच्चों के गायब होने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने आशंका जताई कि बच्चों को कथित किडनी चोर गिरोह निशाना बना सकता है।

यह बेहद गंभीर आरोप है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी जांच एजेंसी की ओर से इसकी पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों को फिलहाल आरोप और आशंका के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

इसी बीच 17 वर्षीय अनुज चौधरी को लेकर भी एक अलग मामला सामने आया, जिसने आश्रम से जुड़े विवाद को और चर्चा में ला दिया।

तीन महीने से लापता था अनुज, बरसाना के आश्रम में मिला

हाथरस निवासी अनुज चौधरी का परिवार करीब तीन महीने से उसकी तलाश कर रहा था। शुक्रवार को परिवार के लोग वृंदावन स्थित श्री राधा केलि कुंज आश्रम के पास धरने पर बैठ गए।

परिवार का आरोप था कि आश्रम से जुड़े लोगों ने पिछले करीब तीन महीनों से उन्हें अनुज के बारे में सही जानकारी नहीं दी और लगातार अलग-अलग बातें बताई जाती रहीं। बाद में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद परिवार ने धरना समाप्त कर दिया।

शनिवार शाम को अनुज की तलाश खत्म हुई। पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय अनुज बरसाना के एक आश्रम में मिला। यह स्थान वृंदावन से करीब 45 किलोमीटर दूर बताया गया है। पुलिस के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि वह वहीं रह रहा था।

अब इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और आश्रम से जुड़े विवादों के पीछे की सच्चाई क्या है। फिलहाल फलाहारी महाराज की शिकायत के बाद निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और किसी संभावित जांच पर टिकी हैं।