पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद पार्टी को लगातार तीसरा झटका लगा है। रविवार को दो विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद सोमवार को अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र पंजाब विधानसभा के स्पीकर को भेज दिया है। महज 24 घंटे के भीतर तीन विधायकों के इस कदम ने चुनाव से पहले AAP की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पार्टी से नाराज चल रहे थे कुंवर विजय प्रताप
कुंवर विजय प्रताप सिंह लंबे समय से पार्टी से नाराज बताए जा रहे थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें निलंबित भी किया गया था। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले IPS की नौकरी छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा था। इसके बाद उन्होंने अमृतसर नॉर्थ सीट से चुनाव लड़ा और विधायक बने।
विधानसभा की सदस्यता छोड़ने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अमृतसर की जनता के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें जो प्यार और सम्मान दिया, उसके लिए वह जीवनभर आभारी रहेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि विधायक के तौर पर उन्होंने अपने काम के करीब 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे कर लिए हैं।
‘पंजाब फर्स्ट’ को बताया अपना एकमात्र मकसद
कुंवर विजय प्रताप ने अपने संदेश में पंजाब की मौजूदा समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य को ड्रग्स, जबरन वसूली, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार जैसी चुनौतियों से बाहर निकालने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि राजनीति को गलियों और मोहल्लों में सड़क निर्माण या रिबन काटने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके मुताबिक, पंजाब को फिर से प्रगतिशील और बेहतर राज्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास करने होंगे।
पूर्व IPS अधिकारी ने अपनी राजनीतिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति में ‘माई-बाप’ संस्कृति को खत्म करने की कोशिश की और जनता को ही अपने काम की प्रेरणा माना। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा में हमेशा अमृतसर के लोगों की आवाज उठाई।
पानी, सीवेज से लेकर बरगाड़ी बेअदबी तक उठाए मुद्दे
कुंवर विजय प्रताप ने बताया कि उन्होंने सदन में अमृतसर से जुड़े कई स्थानीय मुद्दे उठाए। इनमें पानी और सीवेज की समस्या, सर्किट हाउस, कंपनी बाग और गंदे नालों से जुड़े मामले शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी और बरगाड़ी बेअदबी मामले को भी विधानसभा में उठाया।
उन्होंने कहा कि पहली बार सदन में गलियों और मोहल्लों के नाम लेकर स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की गई। आगे की रणनीति को लेकर उन्होंने साफ-सुथरी राजनीति और पारदर्शी प्रशासन को अपना लक्ष्य बताया। उन्होंने दोहराया कि उनका एकमात्र मकसद ‘पंजाब फर्स्ट’ है और इसके अलावा उनका कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है।
एक दिन पहले दो और विधायकों ने छोड़ी थी AAP
कुंवर विजय प्रताप से एक दिन पहले रविवार को आम आदमी पार्टी के दो अन्य विधायकों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इनमें सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा शामिल हैं।
दोनों विधायकों ने पार्टी छोड़ने का फैसला ऐसे समय में लिया है, जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। AAP का कहना है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते इन दोनों विधायकों को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। अब पार्टी विधानसभा स्पीकर से उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग करेगी।
लगातार तीन विधायकों के इस्तीफे से पंजाब में आम आदमी पार्टी के सामने संगठन और राजनीतिक एकजुटता बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। चुनाव से पहले इन घटनाओं का पार्टी की रणनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।


