पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ED हिरासत में, 100 करोड़ के GST घोटाले में 7 दिन की रिमांड

पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ED हिरासत में, 100 करोड़ के GST घोटाले में 7 दिन की रिमांड

पंजाब सरकार के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गुरुग्राम की विशेष अदालत ने उन्हें आज सात दिन की ED हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने सात दिन की ही मंजूरी दी। यह घटना आम पाठकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति पर गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप हैं, जो अंततः करदाताओं के पैसे और शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

62 वर्षीय संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से शनिवार शाम गिरफ्तार किया गया। ED की टीम उन्हें सड़क मार्ग से गुरुग्राम ले आई और कोर्ट में पेश किया। इस मामले की जांच अब और गहराई में जाएगी।

100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी

ED ने शनिवार सुबह दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें से चार स्थान सीधे संजीव अरोड़ा और उनकी कंपनियों से जुड़े थे। इसके अलावा हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के दफ्तर पर भी तलाशी ली गई।

एजेंसी का आरोप है कि अरोड़ा से जुड़ी कंपनी ने दिल्ली की फर्जी कंपनियों से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के मोबाइल फोन खरीद के नकली बिल बनाए। इन फर्जी लेनदेन के जरिए गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), GST रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक का फायदा उठाया गया। ED अब शेल कंपनियों, बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल रिकॉर्ड और निर्यात दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है।

कंपनी का बचाव और राजनीतिक तूफान

हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने बयान जारी कर सभी आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि उसने मई 2023 में केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया और PLI योजना के तहत मोबाइल फोन निर्यात का काम शुरू किया था। सभी निर्यात वास्तविक थे और भुगतान बैंकिंग चैनलों से हुए। कंपनी ने खुद को सप्लायर स्तर के GST फ्रॉड का शिकार बताया और कहा कि उसने 2025 में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।

इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने ED की कार्रवाई को केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष को निशाना बनाने की साजिश बताया है। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

दूसरी ओर, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि AAP घबरा गई है क्योंकि पंजाब में उसके दिन पूरे होने वाले हैं। ED का स्पष्ट कहना है कि पूरी कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की गई है।

आगे क्या होगा?

अब सात दिन की हिरासत में ED मंत्री से विस्तार से पूछताछ करेगी और पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश करेगी। इस मामले का नतीजा न सिर्फ पंजाब की राजनीति बल्कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ चल रही मुहिम पर भी असर डालेगा। आम नागरिक इस घटनाक्रम को देखकर उम्मीद करते हैं कि दोषी पाए जाने पर कोई भी व्यक्ति सजा से नहीं बच पाएगा, चाहे वह कितने भी ऊंचे पद पर हो।

यह घटना सरकारी मंत्रियों की जवाबदेही और पारदर्शिता की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित करती है। आगे की जांच से जो भी तथ्य सामने आएंगे, वे निश्चित रूप से इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाएंगे।