राघव चड्ढा का AAP पर तंज: ‘दिलजले आशिक की तरह नस न काट लें’, पंजाब में नशे के मुद्दे पर BJP का बड़ा प्लान

राघव चड्ढा का AAP पर तंज: ‘दिलजले आशिक की तरह नस न काट लें’, पंजाब में नशे के मुद्दे पर BJP का बड़ा प्लान

पंजाब की राजनीति में नशे का मुद्दा एक बार फिर तेजी से गरमाता दिख रहा है। बीजेपी की बैठक में पहुंचे राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भगवंत मान सरकार पर नशे की समस्या को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की स्थिति गंभीर है और सरकार के दावों के बावजूद जमीन पर हालात अलग नजर आ रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी पर अपने वोट कटने और राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी तंज कसा। चड्ढा ने कहा कि वह AAP के सपनों में ‘भूत’ बनकर आते हैं और उनके हालात ऐसे हैं जैसे किसी दिलजले आशिक के हों।

पंजाब में नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा

गुरुवार को चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी प्रभारी सतीश पूनिया ने राज्यसभा सांसदों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। राघव चड्ढा भी इस बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद उन्होंने पंजाब में नशे की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

चड्ढा ने कहा कि पंजाब में नशे के हालात ऐसे हैं जैसे किसी चीज के लिए लंबी लाइन लगी हो। उन्होंने गुलजार सिंह का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जब उन्होंने भगवंत मान सरकार से पंजाब में बढ़ते नशे को लेकर सवाल किया, तो उन्हें कथित तौर पर इतना परेशान और प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने आत्महत्या कर ली।

यह आरोप बेहद गंभीर है। चड्ढा ने सरकार से सवाल किया कि अगर पंजाब में नशा खत्म होने का दावा किया जा रहा है, तो फिर नशे की गंभीरता पर सवाल उठाने वाले लोगों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों हुआ।

बीजेपी नेताओं को रोके जाने पर भी उठाए सवाल

राघव चड्ढा ने बीजेपी के उस प्रतिनिधिमंडल का भी जिक्र किया, जो गुलजार सिंह के परिवार से मिलने और संवेदना व्यक्त करने गया था। उनके मुताबिक, बीजेपी नेताओं को वहां जाने से रोक दिया गया।

चड्ढा ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार पंजाब में नशे की समस्या को पुरानी समस्या बताती है, जबकि दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान नशे की ‘होम डिलीवरी’ तक होने का दावा किया जा रहा है। उनके बयान से साफ है कि बीजेपी आने वाले समय में इस मुद्दे को सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी में है।

आम पाठक के लिहाज से देखें तो नशे का मुद्दा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है। पंजाब में परिवारों, युवाओं और सामाजिक माहौल पर इसका असर एक संवेदनशील विषय बन चुका है। ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर बढ़ती बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।

18 से 30 सितंबर तक चलेगी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’

बीजेपी ने बैठक के बाद पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ निकालने का फैसला किया है। राघव चड्ढा के मुताबिक, यह यात्रा 18 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगी।

यात्रा की शुरुआत पंजाब के चार अलग-अलग स्थानों से की जाएगी। बीजेपी इस यात्रा के जरिए नशे की समस्या को लेकर लोगों के बीच अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही है। चड्ढा ने कहा कि यात्रा के दौरान पार्टी पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए अपनी योजना और आगे का रोडमैप भी जनता के सामने रखेगी।

यानी बीजेपी अब केवल सरकार पर आरोप लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। पार्टी इस मुद्दे पर अपना राजनीतिक और नीतिगत विकल्प भी जनता के सामने रखने की कोशिश कर रही है।

‘मैं उनके सपने में भूत बनकर आता हूं’, AAP पर चड्ढा का तंज

राघव चड्ढा ने अपने राजनीतिक प्रभाव और वोट कटने के मुद्दे पर AAP पर एक अलग अंदाज में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह AAP के सपने में भूत बनकर आते हैं।

इसी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि AAP की स्थिति ऐसी है जैसे कोई गर्लफ्रेंड छोड़कर चली गई हो और दिलजला आशिक अपनी नस काटने की सोचने लगे। उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन सकता है।

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा जिस तरह राजनीतिक बहस के केंद्र में आता जा रहा है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि बीजेपी इसे आने वाले चुनावी अभियान में प्रमुखता से उठाएगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के जरिए बीजेपी जनता के बीच कितनी मजबूत पकड़ बना पाती है और भगवंत मान सरकार इस राजनीतिक हमले का क्या जवाब देती है।