कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सावरकर मानहानि मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने राहुल गांधी द्वारा समन रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे उन्हें राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की उस याचिका को भी नकार दिया, जिसमें उन्होंने सत्र न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी।
सावरकर पर आपत्तिजनक बयान के बाद दर्ज हुआ था मामला
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अकोला में आयोजित एक रैली में वीर सावरकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। राहुल गांधी के इस बयान के बाद पूरे देश में बवाल मच गया और कई जगहों पर उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ। लखनऊ के वकील नृपेंद्र पांडे ने भी इस बयान के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने जानबूझकर सावरकर की आलोचना की और इस तरह से उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया।
इसलिए कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने कहा कि राहुल गांधी के पास अब भी यह विकल्प है कि वह धारा 397 सीआरपीसी के तहत सत्र न्यायाधीश के पास जा सकते हैं। इस पर कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका रद्द कर दी। राहुल गांधी ने अपनी याचिका में सत्र न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें जून 2023 में उनके खिलाफ शिकायत खारिज किए जाने के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका को मंजूरी दी गई थी। लेकिन अदालत ने उनकी याचिका को अस्वीकार कर दिया और यह साफ किया कि वे अपने अधिकार का प्रयोग सत्र न्यायालय में कर सकते हैं।
अब क्या होगा राहुल गांधी का अगला कदम
अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी इस फैसले के बाद आगे क्या कदम उठाते हैं। यह मामला उनके लिए राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टियों से अहम है। सावरकर पर की गई टिप्पणी और उसके बाद उठे विवाद ने उन्हें सुर्खियों में बना दिया है। उनके खिलाफ यह कानूनी लड़ाई आने वाले समय में और भी दिलचस्प मोड़ ले सकती है।