देशभर में SIR के मुद्दे को लेकर सियासी सरगर्मी देखने को मिल रही है. विपक्ष की तरफ से इसको लेकर लगातार विरोध किया जा रहा है. खासतौर पर बिहार और संसद में इसका विरोध देखने को मिल रहा है. शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के सांसदों ने SIR का फॉर्म फाड़कर कूडेदान में डाल दिया. इसके साथ ही सदन में भी सांसदों का हंगामा देखने को मिला. यही कारण है कि लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया.
बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभ्यास (SIR) के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया ब्लॉक के अन्य सांसदों के साथ मिलकर प्रतीकात्मक रूप से SIR को फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया.
केंद्र संविधान का पालन नहीं कर रही- खरगे
राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद परिसर में इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रतीकात्मक रूप से SIR को फाड़कर कूड़ेदान में फेंक दिया. इस दौरान इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की.
बिहार SIR के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध पर, राज्यसभा के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “वे गरीबों को उनके मताधिकार से वंचित करना चाहते हैं और केवल कुलीन वर्ग को ही वोट देने देना चाहते हैं. वे (केंद्र सरकार) संविधान का पालन नहीं कर रहे हैं.”
उन्हें जवाब देना चाहिए – प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा SIR के मामले पर सरकार पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, “सरकार को आरोपों का जवाब देना चाहिए. उन्हें हमें मतदाता सूची उपलब्ध करानी चाहिए, जिसकी हम मांग कर रहे हैं. इसमें पारदर्शिता होनी चाहिए. यह लोकतंत्र है. सभी राजनीतिक दलों को उस जानकारी तक पहुंच होनी चाहिए. यह जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है?”
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि “बीजेपी चाहेगी कि हम बिहार चुनाव का बहिष्कार करें क्योंकि उन्हें पता है कि अगर राजद और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे, तो भाजपा का सफाया हो जाएगा. हम संघर्ष करेंगे और मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने के खिलाफ आवाज उठाएंगे. हम बिहार में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएंगे.”



