देशभर में दिवाली की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के लिए यह त्योहार एक अलग ही मायने रखता है। परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में जुटे सैनिकों के बीच इस बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिवाली मनाने पहुंच रहे हैं। रक्षा मंत्री 7 नवंबर को दिवाली की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद 8 नवंबर को दिवाली के दिन वह सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान वह सीमावर्ती इलाकों में तैनात रक्षा कर्मियों से बातचीत भी करेंगे। राजनाथ सिंह की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को लेकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है।
दिवाली से पहले दार्जिलिंग पहुंचेंगे रक्षा मंत्री, जवानों से करेंगे मुलाकात
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 7 नवंबर को दार्जिलिंग के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह बागडोगरा एयरफील्ड और सुकना (सिलीगुड़ी) स्थित भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर (33 Corps) के मुख्यालय जाएंगे।
यहां उनकी मुलाकात भारतीय सशस्त्र बलों के उन जवानों से होगी, जो इस क्षेत्र में देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रक्षा मंत्री उनके साथ बातचीत करेंगे और दिवाली की खुशियां साझा करेंगे।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि दिवाली की पूर्व संध्या पर वह दार्जिलिंग में रहेंगे और बागडोगरा एयरफील्ड तथा सुकना में तैनात रक्षा बलों के जवानों से संवाद करेंगे।
उनका यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं है। त्योहार के मौके पर सैनिकों के बीच पहुंचकर उनका हाल जानना और उनका मनोबल बढ़ाना भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
दिवाली के दिन सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक जाएंगे राजनाथ सिंह
दार्जिलिंग के दौरे के बाद रक्षा मंत्री 8 नवंबर को सिक्किम पहुंचेंगे। यहां वह शेराथांग युद्ध स्मारक (Sherathang War Memorial) पर देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे।
राजनाथ सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह उन बहादुर जवानों को नमन करेंगे, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके साथ ही वह इस क्षेत्र में तैनात सैन्यकर्मियों से भी मुलाकात करेंगे।
शेराथांग युद्ध स्मारक का दौरा इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को याद करने का संदेश भी दिया जाएगा।
रक्षा मंत्री की इस यात्रा से सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों के साथ नेतृत्व का सीधा संवाद स्थापित होगा। साथ ही उन्हें यह संदेश मिलेगा कि देश उनके योगदान और बलिदान को हमेशा याद रखता है।
त्योहारों पर जवानों के बीच पहुंचते रहे हैं रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह इससे पहले भी दिवाली और दूसरे प्रमुख त्योहारों के अवसर पर सैनिकों के बीच पहुंचते रहे हैं। उनकी कोशिश रहती है कि देश की सीमाओं पर तैनात जवान त्योहार के दौरान खुद को अकेला महसूस न करें।
सैनिकों के साथ समय बिताना, उनसे बातचीत करना और उनके साथ त्योहार मनाना उनकी इस परंपरा का हिस्सा रहा है।
हालांकि, इस साल दशहरे के मौके पर विदेश यात्रा के कारण वह जवानों के बीच नहीं पहुंच सके थे। ऐसे में दिवाली पर उनका यह दौरा और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए त्योहारों का समय अक्सर परिवार से दूरी और कठिन परिस्थितियों के बीच गुजरता है। ऐसे में देश के रक्षा मंत्री का उनके बीच पहुंचना उनके मनोबल को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
भारत-चीन सीमा के करीब दौरा, सैनिकों के मनोबल पर रहेगा जोर
राजनाथ सिंह का सिक्किम दौरा भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी गतिविधियों के बीच हो रहा है। ऐसे में इस यात्रा का सामरिक और सैन्य महत्व भी है।
सिक्किम और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात भारतीय सेना के जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा करते हैं। रक्षा मंत्री का उनसे सीधे संवाद करना और उनकी तैयारियों व अनुभवों को समझना इस दौरे का अहम हिस्सा रहेगा।
हालांकि, इस यात्रा के दौरान किसी नई सैन्य घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल दौरे का प्रमुख उद्देश्य सैनिकों से मुलाकात, उनका उत्साह बढ़ाना और देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों को सम्मान देना है।
राजनाथ सिंह की यह यात्रा एक बार फिर उस भावना को सामने लाती है कि जब देश दिवाली पर अपने घरों को रोशन करता है, तब सीमा पर तैनात जवानों की जिम्मेदारी और सतर्कता कम नहीं होती। उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान यही है कि देश उनके त्याग और सेवा को याद रखे।



