राजपाल यादव पर्दे पर अपनी कॉमिक टाइमिंग से सबको लोटपोट कर देते हैं, लेकिन असल जिंदगी के पिछले 12 साल उनके और उनके परिवार के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं थे. 5 करोड़ रुपये के विवाद और जेल में सलाखों के पीछे रहने के बाद, राजपाल यादव का दर्द अब छलक उठा है. इंटरव्यू में जब राजपाल यादव को उनके इस संघर्ष के बारे में पूछा गया, तब एक्टर बेहद भावुक हो गए और उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई.
राजपाल यादव ने कहा, “पिछले 10-12 साल में मेरे परिवार ने जो झेला है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. मेरा परिवार फिल्म इंडस्ट्री से नहीं है. वो शाहजहांपुर के रहने वाले सीधे-साधे खेती-बाड़ी करने वाले लोग हैं.” एक्टर ने भावुक होते हुए आगे कहा कि विवाद मुंबई में था, लेकिन इसकी आंच गांव तक पहुंच गई. उनके गांव से लेकर मुंबई तक, उनका पूरा परिवार इस कानूनी विवाद के लपेटे में आ गया और सभी को परेशानी का सामना करना पड़ा.”
अपनों पर पड़े कीचड़ के छींटे
एक्टर ने अपनी तकलीफ साझा करते हुए एक गहरी बात कही. उन्होंने कहा, “मेरा परिवार, मेरा गांव और मेरा समाज मेरी कमजोरी है. जब किसी घड़े पर पत्थर मारा जाता है और वहां कीचड़ हो, तो कीचड़ के छींटे चारों तरफ जाते हैं. मेरे मामले में भी यही हुआ. जब मुझ पर पत्थर फेंके गए, तो कीचड़ के छींटे मेरे बेकसूर परिवार पर भी पड़े.” राजपाल ने हाथ जोड़कर अपने परिवार से माफी मांगते हुए कहा कि उनका इरादा कभी उन्हें दुख पहुंचाना नहीं था, लेकिन एक सोची-समझी साजिश के तहत उन्हें घेरने की कोशिश में उनके अपनों को भी नहीं बख्शा गया.
जिम्मेदारी का एहसास
राजपाल यादव ने ये भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने और शोहरत हासिल करने के बावजूद, उनके मन में हमेशा अपने देश, समाज और परिवार के प्रति गहरी जिम्मेदारी रही है. उन्होंने कहा कि वो खुद को बहुत दुखी महसूस करते हैं कि उनके काम या किसी विवाद की वजह से उनके परिवार को मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा. वो बोले, “मैं परिवार से हमेशा के लिए सॉरी बोलता हूं, क्योंकि वो सिनेमा के दांव-पेंच नहीं समझते.”
अपनी बातों को खत्म करते हुए राजपाल ने साफ किया कि उनका इरादा फिल्म बनाने का भी सच्चा था और परिवार के प्रति उनका प्रेम भी सच्चा है. आज वो फिर से खड़े हुए हैं, तो सिर्फ अपने परिवार और उन फैंस के भरोसे, जिन्होंने मुश्किल घड़ी में उनका साथ नहीं छोड़ा.



