अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित दूसरी विशेष जांच दल (SIT) की जांच का दायरा पहले की तुलना में कहीं अधिक व्यापक होगा। अधिकारियों के अनुसार, नई SIT सिर्फ चढ़ावे की गिनती के दौरान हुई कथित चोरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे मामले में आपराधिक साजिश, आरोपियों की भूमिका और कथित तौर पर बनाई गई संपत्तियों की भी जांच करेगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी दूसरी SIT
सरकार ने आईजी किरण एस के नेतृत्व में तीन आईपीएस अधिकारियों की दूसरी SIT का गठन किया है। किरण एस पहली SIT का भी हिस्सा रहे हैं, इसलिए उन्हें मामले से जुड़े तथ्यों की पहले से जानकारी है। माना जा रहा है कि नई SIT ने जांच शुरू कर दी है और पहले छूटे पहलुओं को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा।
हर पहलू की होगी पड़ताल
नई SIT चढ़ावा चोरी से जुड़े सभी आरोपों की समग्र जांच करेगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि आरोपियों की आर्थिक स्थिति और रहन-सहन में कोई असामान्य बदलाव आया या नहीं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि कथित चोरी के बाद किसी आरोपी ने अपनी आय से अधिक संपत्ति तो नहीं बनाई।
बेनामी संपत्तियां भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, SIT आरोपियों की बेनामी संपत्तियों की भी जांच करेगी। स्थानीय पुलिस पहले ही आरोपियों, उनके रिश्तेदारों और करीबियों से पूछताछ कर चुकी है। साथ ही बैंक खातों और विभिन्न जिलों में मौजूद संपत्तियों का ब्योरा भी जुटाया गया है। इन सभी तथ्यों को नई SIT अपनी जांच का हिस्सा बना सकती है।
स्थानीय पुलिस का भी मिलेगा सहयोग
अयोध्या में दर्ज एफआईआर की जांच पहले से स्थानीय पुलिस कर रही है। नई SIT साक्ष्य जुटाने और जांच को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय पुलिस की मदद भी लेगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में सभी निष्कर्ष साक्ष्यों के आधार पर प्रस्तुत किए जाएंगे



