RCB की चैंपियन डिफेंस अचानक लड़खड़ाया, बैथल-जितेश की फ्लॉप बल्लेबाजी बढ़ा रही टेंशन

RCB की चैंपियन डिफेंस अचानक लड़खड़ाया, बैथल-जितेश की फ्लॉप बल्लेबाजी बढ़ा रही टेंशन

आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने शानदार शुरुआत की थी, लेकिन अब टीम लगातार हार का सामना कर रही है। मौजूदा चैंपियन को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 9 रन से हार मिली है। 213 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम नाकाम रही। यह इस सीजन में RCB की चौथी हार है और लगातार दूसरी शिकस्त। खास बात यह है कि चेज करते हुए यह उनकी पहली हार है। क्रिकेट प्रेमी अब सवाल पूछ रहे हैं कि क्या पिछले साल की चैंपियन टीम अपनी राह भटक रही है? विराट कोहली जैसे स्टार खिलाड़ी के फेल होने के बावजूद असली समस्या कहीं और है। आम फैंस के लिए यह निराशा का विषय है क्योंकि RCB की हर मैच की उम्मीद अब धीरे-धीरे कम होती नजर आ रही है।

विराट की नाकामी नहीं, ये दो खिलाड़ी बन रहे हैं बोझ

विराट कोहली इस मैच में खाता भी नहीं खोल सके। यह इस सीजन में पहला मौका था जब उनका बल्ला पूरी तरह फेल हुआ। लेकिन एक मैच की नाकामी को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है। असली चिंता उन दो खिलाड़ियों को लेकर है जो पूरे सीजन में टीम को बड़ा योगदान नहीं दे पा रहे हैं।

सॉल्ट की जगह बैथल अभी तक साबित नहीं हुए सक्सेसफुल

जैकब बैथल को इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज के रूप में काफी उम्मीदों के साथ रखा गया था। पिछले साल RCB ने उन्हें रिटेन किया, लेकिन फिल सॉल्ट की चोट के कारण अब उन्हें लगातार मौका मिल रहा है। फिर भी बैथल प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं। चार मैचों में उन्होंने सिर्फ 43 रन बनाए हैं और औसत मात्र 10.75 का है। वहीं सॉल्ट ने छह पारियों में 202 रन ठोके थे। बैथल की यह फॉर्म टीम के टॉप ऑर्डर को कमजोर कर रही है। ओपनिंग में स्थिरता न मिलने से पूरी बैटिंग लाइनअप पर दबाव बढ़ गया है। अगर बैथल जल्दी कुछ बड़े स्कोर नहीं बनाते तो RCB की प्लेऑफ की राह और मुश्किल हो सकती है।

जितेश शर्मा की बल्लेबाजी फ्लॉप, विकेटकीपिंग अकेले नहीं बचा रही टीम

दूसरी बड़ी समस्या जितेश शर्मा की है। बतौर विकेटकीपर वे शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। पिछले सीजन में जितेश ने RCB को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस बार आठ पारियों में वे सिर्फ 64 रन बना सके हैं। उनका औसत मात्र 8 का है, जो इस सीजन में सभी विकेटकीपर-बल्लेबाजों में सबसे कम है। टीम प्रबंधन के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। इम्पैक्ट प्लेयर रूल के बावजूद RCB कई मौकों पर ऐसे लग रही है जैसे 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही हो। बैथल और जितेश के फॉर्म में न आने से मिडिल ऑर्डर और लोअर ऑर्डर पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है।

क्या RCB संभाल पाएगी अपनी चैंपियन वाली छवि?

लगातार दो हार के बाद RCB के खेमे में टेंशन साफ दिख रहा है। पिछले साल की सफलता को दोहराने का सपना अभी भी जिंदा है, लेकिन इन दो खिलाड़ियों की खराब फॉर्म टीम की रणनीति को बिगाड़ रही है। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि अगले मैचों में बैथल और जितेश कुछ जादू दिखाएं और टीम फिर से अपनी पुरानी लय हासिल कर ले। अभी तक का सफर बताता है कि शुरुआत चाहे कितनी भी अच्छी हो, अंत तक मजबूत बने रहना कितना जरूरी है। RCB के पास अब समय कम है और प्रदर्शन सुधारने की चुनौती बड़ी है।