35 करोड़ की कथित काली कमाई का खुलासा: रिटायर्ड ARTO के घर मिला करोड़ों का कैश, 13 किलो सोना

35 करोड़ की कथित काली कमाई का खुलासा: रिटायर्ड ARTO के घर मिला करोड़ों का कैश, 13 किलो सोना

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने सेवानिवृत्त एआरटीओ ललित कुमार के आवास पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति, भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद होने का दावा किया गया है।

विजिलेंस के अनुसार, तलाशी के दौरान करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद, 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी, सोने-चांदी के बिस्किट, हीरे के आभूषण और अन्य कीमती सामान बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में आरोपी की करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

2024 में दर्ज हुआ था मुकदमा

विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, आगरा में तैनाती के दौरान ललित कुमार के खिलाफ वर्ष 2024 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। शासन के निर्देश पर मामले की जांच विजिलेंस लखनऊ सेक्टर को सौंपी गई थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद अदालत से अनुमति लेकर लखनऊ के अलीगंज स्थित आवास पर छापेमारी की गई।

कई शहरों में मिली संपत्तियां

जांच के दौरान लखनऊ, नोएडा, रायबरेली और बाराबंकी में स्थित कई आवासीय भूखंड, कृषि भूमि, मकान और फ्लैट बुकिंग से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। विजिलेंस के अनुसार, इन अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 13 करोड़ रुपये है।

निवेश और लग्जरी सामान भी मिला

छापेमारी में दो कारें (इनोवा और i20), एक रिवॉल्वर, बैंक खातों, पोस्ट ऑफिस, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए। विजिलेंस ने घर की साज-सज्जा और महंगे घरेलू उपकरणों पर हुए खर्च का भी आकलन शुरू किया है।

कार्रवाई करने वाली टीम को इनाम

कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के डीजीपी एवं डीजी विजिलेंस राजीव कृष्ण ने छापेमारी करने वाली टीम के कार्य की सराहना करते हुए एक लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।

नोट: यह बरामदगी और संपत्ति का मूल्यांकन विजिलेंस की जांच के दावों पर आधारित है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।