एक ही विमान से दिल्ली पहुंचे बिहार के सीएम नीतीश कुमार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव

एक ही विमान से दिल्ली पहुंचे बिहार के सीएम नीतीश कुमार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव

पटना। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। एक तरफ बहुमत के आंकड़े 272 से कम सीटें लाने वाली बीजेपी को टीडीपी और जेडीयू का सहारा है। वहीं, विपक्ष के गठबंधन की कोशिश है कि किसी तरह एनडीए के दलों को साथ लाकर केंद्र में मोदी सरकार न बनने दी जाए।

दोनों पक्ष ही अपनी-अपनी रणनीति तय करने के लिए बैठक करने वाले हैं। एनडीए की बैठक में शामिल होने के लिए जेडीयू के अध्यक्ष और बिहार के सीएम नीतीश कुमार विमान से दिल्ली के लिए रवाना हुए। खास बात ये रही कि उनके साथ उसी विमान में विपक्षी गठबंधन के नेता और नीतीश सरकार में पहले डिप्टी सीएम रहे आरजेडी के तेजस्वी यादव भी साथ थे।

तेजस्वी जब पटना एयरपोर्ट पहुंचे, तो उनसे कहा गया कि उसी विमान से नीतीश कुमार भी दिल्ली जा रहे हैं। इस पर तेजस्वी ने ये जानकारी होने से इनकार किया। वहीं, नीतीश और तेजस्वी के एक ही विमान से दिल्ली पहुंचने की खबर आने पर कयासों का दौर शुरू हो गया, लेकिन दोनों ही नेता आपस में कोई बातचीत करते नहीं दिखे। सिर्फ नीतीश ने तेजस्वी से तबीयत के बारे में पूछा। विमान में नीतीश कुमार के ठीक पीछे की सीट पर तेजस्वी यादव बैठे थे। दोनों से ही लोकसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया जानने की कोशिश हुई, लेकिन नीतीश कुमार और तेजस्वी दोनों ही इस पर कुछ ज्यादा बोलने से बचते दिखे। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया के नाम पर जो कहा, वो सुनिए।

खास बात ये है कि लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव ने बयान दिया था कि नीतीश कुमार का मन बीजेपी के साथ नहीं लग रहा है। इससे कयास लगने लगे कि एक बार फिर नीतीश महागठबंधन के साथ जा सकते हैं, लेकिन आज का उनका रिएक्शन साफ कर रहा है कि फिलहाल वो ऐसा नहीं करने वाले। अगर लोकसभा चुनाव के नतीजों की बात करें, तो बिहार में लोकसभा की 40 सीट हैं। इनमें से नीतीश कुमार की जेडीयू को 12 लोकसभा सीट पर जीत मिली है। वहीं, महागठबंधन में शामिल होकर और तेजस्वी यादव के धुआंधार प्रचार के बाद भी आरजेडी कुछ खास नहीं कर सकी। तेजस्वी यादव की आरजेडी को सिर्फ 4 सीट पर जीत मिली है। ऐसे में नीतीश कुमार तो केंद्र में किंगमेकर में से एक बनकर उभरे हैं, लेकिन विपक्षी गठबंधन में तेजस्वी यादव को अपनी साख गंवानी पड़ी है।