सीरम इंस्टीट्यूट ने 18 साल से कम आयु के लिए इस हफ्ते कोवावैक्स की पहली खेप बनाने की शुरुआत की

सीरम इंस्टीट्यूट ने 18 साल से कम आयु के लिए इस हफ्ते कोवावैक्स की पहली खेप बनाने की शुरुआत की

देश की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ने कोवावैक्स की पहली खेप की प्रोडक्शन की शुरुआत कर दी है. सीरम इंस्टीट्यूट ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए कहा कि एक नया मुकाम हासिल किया. इस हफ्ते हमने नोवावैक्स की तरफ से तैयार की गई कोविड-19 वैक्सीन जिसे भारत में कोवोवैक्स नाम दिया गया है, उसकी पहली खेप बनाने की शुरुआत कर दी है.

सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि “इस हफ्ते पुणे में कोवावैक्स के पहले बैच के उत्पादन होते देख काफी उत्साहित हूं. इस वैक्सीन में 18 साल से कम आयु-वर्ग की भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा करने की क्षमता है. ट्रायल अभी जारी है. शानदार टीम.”

 

 

गौरतलब है कि सीरम इंस्टीट्यूट भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ का उत्पादन कर रहा है. देश में उसकी दूसरी वैक्सीन ‘कोवोवैक्स’ का क्लिनिकल ट्रायल भी चल रहा है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने ‘कोवोवैक्स’ के तीसरे क्लिनिकल ट्रायल के संचालन के लिए प्रोटोकॉल में संशोधन की मंजूरी दे दी है.

इससे पहले डीसीजीआई ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) को रूस की स्पूतनिक-V वैक्सीन बनाने की इजाजत दी थी.